
० ग्राम पंचायत खोरी के पंच ने राज्य शासन, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं जनपद सिहावल सीईओ तथा अनियमितता के आरोपों में घिरे सचिव सहित 5 लोगों के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर की याचिका
सीधी 21 फरवरी। अनियमितता की जांच में घिरे सचिव को खोरी पंचायत के प्रभार का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। ग्राम पंचायत खोरी के पंच ने राज्य शासन, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं जनपद सिहावल सीईओ तथा अनियमितता के आरोपों में घिरे सचिव सहित 5 लोगों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
जिले के जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत खोरी के पंच दीपक सिंह चौहान द्वारा दायर याचिका क्रमांक 6031/2025 दिनांक 17 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट में रजिस्टर हुई। याचिकाकर्ता के अनुसार सचिव कौशलेन्द्र द्विवेदी की वर्ष 2011 में ग्राम पंचायत खोरी में पदस्थापना की गई थी। वह वर्ष 2015 तक खोरी में स्थाई सचिव रहे। जब सचिव द्वारा भारी अनियमितताएं शुरू की गयी, जिस पर उनके द्वारा 2014 में शौंचालय के नाम पर 12 लाख रूपये के गबन की शिकायत की गई। तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर बहरी थाना में सचिव कौशलेन्द्र द्विवेदी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 119/2015, धारा 420, 409, 34 आईपीसी के तहत मामला पंजीबद्ध कर जिला न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया। जिसमें इन्हें 4 वर्ष की जेल हुई। वर्ष 2015 से 2019 तक जेल में रहने के बाद वर्ष 2020 में इन्हे दुअरा कला पंचायत में पदस्थापित किया गया। अगस्त 2022 में इन्हें पुन: विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया। फिर ग्राम पंचायत कुबरी में पदस्थापित किया गया। अगस्त 2023 में राजनैतिक दबाव के चलते इन्हें पुन: खोरी पंचायत में पदस्थापित किया गया। अतिरिक्त प्रभार देकर अगस्त 2023 से मार्च 2024 तक इन्होंने विभिन्न मदों में 6 लाख का गबन किया। इस दौरान याचिकाकर्ता द्वारा लगातार शिकायतें की जाती रहीं। जिस पर कई जांच दल भी गठित हुये, लेकिन राजनैतिक दबाव एवं पैसे के चलते कार्यवाई नहीं हुई। विभिन्न अनियमितताओं में लिप्त सचिव कौशलेन्द्र द्विवेदी को खोरी पंचायत का प्रभार मिलने के बाद पूरे तथ्यों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। फिर भी सचिव के ऊपर जिम्मेदारों की मेहरबानी बनी हुई है, जिसके बाद पंच द्वारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।
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जिम्मेदार अधिकारियों के कारण हाईकोर्ट पहुंचा मामला!
गंभीर अनियमितताओं की जांच में घिरे सचिव कौशलेन्द्र द्विवेदी पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा पुख्ता शिकायतों के बावजूद कार्यवाई न करने के कारण यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा। सचिव द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान गंभीर अनियमितताएं की गई हैं जिस पर उन्हें 4 साल तक जेल में भी रहना पड़ा, फिर भी जिम्मेदारों की नजर में वह आज भी पाक साफ बने हुये हैं। इसी वजह से काफी विरोध के बावजूद सचिव कौशलेन्द्र द्विवेदी को फिर से खोरी पंचायत का प्रभार सौंप दिया गया।
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सत्ताधारी नेताओं के दबाव में भ्रष्ट सचिव को मिला पुन: प्रभार
भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव कौशलेन्द्र द्विवेदी को सत्ताधारी नेताओं के दबाव में पुन: ग्राम पंचायत खोरी का प्रभार मिला है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुके सचिव पर सत्ताधारी नेता इतने मेहरबान हैं कि फिर से खोरी पंचायत का प्रभार दिलाने के लिये एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। अधिकारियों के ऊपर सत्ताधारी नेताओं का दबाव काफी बढऩे के कारण उनके द्वारा फिर से सचिव कौशलेन्द्र द्विवेदी को खोरी पंचायत का प्रभार सौंप दिया गया।
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इनका कहना है
विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में लोकतंत्र का सबसे पहला पायदान ग्राम पंचायत के पंच के अधिकारों का हनन शासन व प्रशासन दोनों मिलकर करते हुए ग्राम पंचायत खोरी में हुई अनियमितता की मेरी कई शिकायतों के बाद अनियमितता के आरोपों में घिरे भ्रष्टाचारी पूर्व सचिव कौशलेन्द्र द्विवेदी की जांच पूरी किये बिना पुन: ग्राम पंचायत खोरी का अतिरिक्त प्रभार चोरी-चोरी चुपके-चुपके दे दिया गया है। इस अन्याय के विरुद्ध मजबूर होकर माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया हूं। जिसकी सुनवाई की संभावित तिथि 25 फरवरी माननीय न्यायालय द्वारा मिली है।
दीपक सिंह चौहान, याचिकाकर्ता एवं पंच ग्राम पंचायत खोरी
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