जैविक खेती को बढ़ावा देने लगाए जाएं मेले : यादव

भोपाल, 21 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि जैविक खेती को प्रोत्साहन देने में सरकार पूरी तरह मदद कर रही है और इसके प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए मेले लगाए जाने चाहिए।

डॉ यादव बरखेड़ी कलां, भोपाल में आयोजित जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान विभागीय मंत्री एंदल सिंह कंसाना भी उपस्थित थे।

डॉ यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस साल को उद्योग वर्ष के रूप में मना रही है। कृषि प्रधान इस प्रदेश में खेती को भी उद्योग की तरह विकसित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ रहे जैविक खेती क्षेत्र को प्रोत्साहन देने में सरकार पूरी तरह मदद कर रही है। भविष्य में वन मेला, कार्तिक मेला, व्यापार मेला की तर्ज पर जैविक उत्पाद मेला का आयोजन भी किया जाना चाहिए। मेलों में लोगों की आवाजाही से जैविक खेती और उत्पाद के लिए जागृति लाना आसान होगा।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जैविक और प्राकृतिक खेती के दौरान रसायन उपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेती के दौरान किया जा रहा रसायन उपयोग व्यवस्था को बिगाड़ रहा है, इसके उपयोग से बचें। जैविक और प्राकृतिक उत्पादों को अपने देश में ही बाजार मिले, ऐसे प्रयास किए जाएं। वर्तमान में 33 जिलों में करीब एक लाख हेक्टेयर में जैविक खेती हो रही। इसको 5 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि कृषि को भी उद्योग की तरह विकसित किया जाना चाहि। कृषि आधारित उद्योगों पर चिंतन हो। जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार हमेशा तैयार है। जैविक खेती के दौरान इस बात का ख्याल भी रखा जाए कि प्राकृतिक व्यवस्था पर कोई प्रभाव न पड़े। नवीन तकनीक से उन्नत खेती की जाए, बेहतर परिणाम मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती के लिए आदर्श गांव स्थापित किए जाएं। कृषि को लेकर नागपुर मॉडल पर काम करने की तैयारी है। कोशिश यह भी होगी कि हम स्वयं अपना मॉडल भी बनाएं। भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार मिलकर जैविक खेती को प्रोत्साहन देने वाले कार्यक्रम चला रही है।

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