
प्रभारी मंत्री ने की स्मार्ट सिटी सहित विकास कार्यों की समीक्षा
सतना/प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री एवं सतना जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नगर निगम सहित सभी नगरीय निकाय संस्थाओं को अपने संस्थागत खर्चों के लिए आत्मनिर्भर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय अपनी एमआईसी एवं अन्य बैठकों में संस्था की आय बढाने के संबंध में विचार-विमर्श करे ताकि स्वायत्तशासी निकाय संस्थायें अपने खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बन सके। प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय गुरूवार को सतना के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्मार्ट सिटी सहित अन्य विभागों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर राज्यमंत्री नगरीय विकास एवं आवास श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार, विक्रम सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष सुस्मिता सिंह, स्पीकर राजेश चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पाण्डेय, नगर पंचायल अध्यक्ष साधना पटेल, जिला पंचायत के सदस्य ज्ञानेन्द्र सिंह, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, आयुक्त नगर निगम शेर सिंह मीना सहित समस्त विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
स्मार्ट सिटी के कार्यों और नगरीय निकाय संस्थाओं की समीक्षा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री विजयवर्गीय ने नगरीय निकायों में जल प्रबंधन, कचरा प्रबंधन और सीवर कार्य तथा स्वच्छता के कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय संस्थायें अपनी स्थापना खर्च के लिए विकास कार्यों और योजनाओं की राशि पर निर्भर नहीं रहे, बल्कि अपने आय का स्त्रोत तलाशकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में कचरा कलेक्शन और प्रबंधन के संबंध में जानकारी ली। चित्रकूट सीएमओ ने बताया कि कचरा प्रबंधन और निस्तारण के लिए रेमकी कंपनी से अनुबंध किया गया है। उनके द्वारा कचरा नहीं उठाने पर नगर पंचायत क्षेत्र में सुरक्षित रूप से डम्प किया जा रहा है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि नगरीय निकाय क्षेत्र में कचरा प्रबंधन के प्रोटोकॉल का पालन करें। उन्होंने कचरा उठाव नहीं होने की समस्या पर कलेक्टर को निदान करने के निर्देश दिये। प्रभारी मंत्री ने सीवर लाइन का कार्य बरसात के पूर्व तक हर हाल में कंपलीट कर लेने के निर्देश दिये। महापौर ने बताया कि सतना शहर में सीवर का कार्य और रेस्टोरेशन बरसात के पहले पूर्ण हो जायेगा।
ग्रामीण विकास की समीक्षा में बताया गया कि मनरेगा योजना से वृक्षारोपण कार्य हेतु शासकीय नर्सरी एवं संजय निकुंज में स्वसहायता समूह द्वारा नर्सरियों में नीम, आंवला, करंज, पीपल के लगभग 1 लाख पौधे तैयार कराये जा रहे हैं। इसी प्रकार आजीविका मिशन के तहत 31657 समूहों की दीदीओं को लखपति बनाये जाने के लिए चिन्हांकन किया गया है।
सतना स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड की समीक्षा में ईडी शेर सिंह मीना ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत 946 करोड रूपये लागत के 74 कार्य स्वीकृत है। जिनमें 389 करोड 85 लाख के 51 प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण है। जबकि 556 करोड 34 लाख रूपये लागत के 23 प्रोजेक्ट कार्य प्रगतिरत है।
प्रभारी मंत्री ने प्रगतिरत कार्यों में इंटर स्टेट बस टर्मिनेस के निर्माण और विजुअल इम्प्रूवमेंट की समीक्षा की। बस टर्मिनल में बसों के आवागमन के मार्ग एक ही होने पर वैकल्पिक दूसरा मार्ग तलाशने और विजुअल इम्पू्रवमेंट के कार्य में सुधार के लिए उन्होंने कलेक्टर को निरीक्षण करने के निर्देश दिये। लोक निर्माण के अंतर्गत चल रहे सडक निर्माण कार्यो में बताया गया कि सीआरएफ के तहत शेष 2.35 किमी लम्बाई में 4 करोड 75 लाख से सडक कार्य कराये जा रहे हैं। जबकि 178 करोड की लागत से नागौद, रहिकवारा, सुरदहा, परसमनिया, रामपुर, मैहर 61 किमी लम्बाई की सडक बनाई जा रही है। चित्रकूट क्षेत्र में पिंडरा से नकैला रोड के निर्माण और रैगांव क्षेत्र में बारा पत्थर से पाकर रोड के निर्माण में गुणवत्ता की शिकायत पर प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर को जांच कर संबंधित इंजीनियर के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि निर्माण और विकास कार्यों में संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि की संतुष्टि लेनी आवश्यक है। विकास कार्यों में कार्य की गुणवत्ता और जनप्रतिनिधि की संतुष्टि दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में जनता की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। बिना जन सहभागिता के कोई भी योजना सफल नहीं हो सकती। नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के कार्य बिना जनभागीदारी के सफल नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को अवश्य दी जानी चाहिए।
