अच्छी व्यवस्था मिलने के कारण किसानों का बढ़ रहा रुझान

जनवरी में 43 प्रतिशत बढ़ी मंडी की आवक

 

शुजालपुर, 20 फरवरी. बीते वर्ष की तुलना में शुजालपुर मंडी में रौनक लौटकर आई है, जानकारी के अनुसार शुजालपुर मंडी की आवक में नवंबर में 14 प्रतिशत, दिसंबर में 43 प्रतिशत, जनवरी में 33 प्रतिशत और फरवरी महीने में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि शुजालपुर मंडी के आसपास 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पर अकोदिया और कालापीपल दो मंडियां है. साथ ही 45 किलोमीटर के रेडियस में पचोर, आष्टा और सीहोर बड़ी मंडियां है, जिसके कारण शुजालपुर मंडी पर बहुत विपरीत प्रभाव पड़ता है. इसके बावजूद मंडी प्रबंधन द्वारा किए गए प्रयासों से मंडी और बाजार में लगातार रौनक देखी जा रही है.

किसान धीरे-धीरे शुजालपुर मंडी की ओर अपनी रुचि दिखा रहे हैं, जबकि शुजालपुर मंडी क्षेत्र में सिंचाई के साधनों की कमी है, जिस तरह से शाजापुर में चीलर डेम और सिंचाई के लिए उपलब्ध है. साथ ही मोहनपुरा डेम का पानी भी उपलब्ध हो जाता है. इस तरह शुजालपुर क्षेत्र में सिंचाई के साधनों की कमी है. इसके बावजूद भी यहां के किसान जी-तोड़ मेहनत कर फसलों का उत्पादन कर रहे हैं. शाजापुर मंडी में पानी की भरपूर उपलब्धता और कोल्ड स्टोरेज होने से आलू का उत्पादन भी बहुत अधिक मात्रा में हो रहा है. साथ ही प्याज का उत्पादन भी हो रहा है. सिंचाई के साधन नहीं होने से शुजालपुर मंडी में अपेक्षाकृत कम लहसुन, आलू और प्याज की आवक होती है. वैसे शुजालपुर मंडी मुख्यत: गेहूं और चने की मंडी है, लेकिन धीरे-धीरे पानी की कमी से इसका रकबा भी प्रभावित हो रहा है. हाईवे पर स्थित निकटवर्ती मंडियों में सोयाबीन के भाव अच्छे है, हाईवे पर स्थित निकटवर्ती मंडियों सीधे तेल उत्पादक इकाइयों से जुड़ी हुई है, इसका नकारात्मक प्रभाव भी शुजालपुर मंडी को झेलना पड़ता है.

 

…तब मिलता है शुजालपुर मंडी को फायदा

 

उपमंडी पोलायाकला में लहसुन और प्याज की ज्यादा आवक होने पर वहां के किसान अरनिया कला की तरफ डायवर्ट होते हैं. तब उसका फायदा शुजालपुर मंडी को मिलता है. इसी तरह कालापीपल मंडी में अनाज की आवक अधिक होने पर किसान शुजालपुर मंडी की तरफ बढ़ते हैं. यदि शुजालपुर मंडी के अनाज व्यापारियों और शुजालपुर सिटी में लहसुन और प्याज के व्यापारियों रणनीति अच्छे भाव की होगी, तब यह मंडी और बाजार गुलजार हो जाएगा, किसानों को ज्यादा भाव देकर कम मुनाफा कमाने की कवायद से बड़ी मात्रा में पूंजी बढ़ाई जा सकती है.

 

सोयाबीन के अच्छे भाव मिलते है…

 

हालांकि रिमोट क्षेत्र में होने के बावजूद भी शुजालपुर मंडी में सोयाबीन के भाव अन्य मंडियों की तुलना में काफ ी अच्छे हैं. रबी फ सलों के कटने से पूर्व किसानों को अपने गोडाउन रबी फसलों को रखने के लिए खाली करने पड़ते हैं. ऐसे में यह माना जा रहा है कि मंडी में अब सोयाबीन की आवक धीरे-धीरे बढ़ेगी. यदि आवक की बात करें तो उपमंडी पोलायाकला में लहसुन और प्याज तथा कालापीपल मंडी की अनाज फ सलों ने शुजालपुर मंडी को प्रभावित किया है.

Next Post

जहरीली चाय पीकर एक ही परिवार के 6 बीमार,बालिका की मौत

Thu Feb 20 , 2025
सभी ने काली चाय पी थी, इसके बाद उल्टी-दस्त और चक्कर आने लगे   नवभारत न्यूज रतलाम। जिले के रावटी थाना क्षेत्र के ग्राम पीपलीपाड़ा में चाय पीने के बाद एक ही परिवार 6 लोग बीमार हो गए। सभी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। गुरुवार […]

You May Like