नयी दिल्ली 17 फरवरी (वार्ता) दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड ने चेन्नई में नयी साउथईस्ट एशिया-मिडल ईस्ट-वेस्ट यूरोप-6 (एसईए-एमई-डब्ल्यूई-6 या एसएमडब्ल्यू 6) 21700 किलोमीटर लबी समुद्री केबल डाली है जो मिस्र के रास्ते भारत का सिंगापुर और फ्रांस (मारसे) से जोड़ेगी।
कंपनी ने आज यहां कहा कि इससे पहले उसने 30 दिसंबर, 2024 को मुंबई में इस केबल की लैंडिंग पूरी की थी। एसएमडब्ल्यू6 केबल सिस्टम भारत में 220 टेराबिट प्रति सेकंड (टीबीपीएस) की इंटरनेट क्षमता जोड़ेगा, जिससे देश की डिजिटल कनेक्टिविटी और स्पीड पहले से कहीं ज्यादा बढ़ जाएगी।
इस केबल की लैंडिंग सबकॉम द्वारा की गई, जो समुद्री फाइबर ऑप्टिक केबल डेटा सिस्टम की एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता कंपनी है। एसएमडब्ल्यू 6 का डिज़ाइन, निर्माण और स्थापना भी इसी के द्वारा किया गया है। 21,700 रूट किलोमीटर लंबी यह समुद्री केबल प्रणाली भारत को सिंगापुर और फ्रांस (मारसे ) से जोड़ती है जो मिस्र से होते हुए स्थलीय केबल नेटवर्क के माध्यम से गुजरती है। इस नई केबल लैंडिंग के साथ, एयरटेल ने वैश्विक स्तर पर अपनी उपसमुद्री केबल प्रणाली की क्षमता और नेटवर्क उपस्थिति को और मजबूत किया है।
एयरटेल बिज़नेस के निर्देशक और सीईओ शरत सिन्हा ने कहा, “ हम अपने ग्राहकों को बेहतरीन सेवाएं देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, और यह नया निवेश तथा उपलब्धि हमारे सुरक्षित, विशाल और अत्याधुनिक वैश्विक नेटवर्क को और मजबूत बनाएगी। हमें खुशी है कि हम दुनिया की सबसे बड़ी केबल प्रणालियों में से एक को अपने नेटवर्क का हिस्सा बना रहे हैं। यह हमारी मौजूदा 4 लाख रूट किलोमीटर लंबी नेटवर्क क्षमता को और मजबूती देता है, जो 50 से अधिक देशों में फैला हुआ है। साथ ही, यह डिजिटल इंडिया की बढ़ती वैश्विक कनेक्टिविटी और डेटा आवश्यकताओं को अतिरिक्त मार्ग, विविधता और अधिक क्षमता के साथ पूरा करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।”
मुंबई और चेन्नई में केबल लैंडिंग को पूरी तरह से एयरटेल के डेटा सेंटर डिवीजन ‘नेक्स्ट्रा बाय एयरटेल’ के साथ जोड़ा जाएगा। इसे इन शहरों में मौजूद कंपनी की बड़ी डेटा सेंटर सुविधाओं में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत में वैश्विक स्तर पर काम करने वाली बड़ी कंपनियों और व्यवसायों को बेहतर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और डेटा सेंटर सेवाओं तक आसान और निर्बाध पहुंच उपलब्ध कराना है।
एसएमडब्ल्यू 6 केबल सिस्टम के कंसोर्टियम के एक प्रमुख सदस्य के रूप में एयरटेल ने इस कोर केबल में निवेश किया है। इसके अलावा, एयरटेल ने सिंगापुर, चेन्नई और मुंबई के बीच चार फाइबर पेयर्स का एक निजी नेटवर्क भी तैयार किया है।
