
हाईकोर्ट ने जबलपुर कलेक्टर से शपथ पत्र पर मांगा जवाब
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने नायब तहसीलदार द्वारा स्टे आर्डर जारी किए जाने को चुनौती देने संबंधी मामले में कलेक्टर जबलपुर से शपथ पत्र पर जवाब तलब किया है। एकलपीठ ने कलेक्टर के साथ नायब तहसीलदार शहपुरा सहित अन्य को नोटिस जारी किये हैं।
हाईकोर्ट ने पूछा है कि एक जमीन पर दावा सिविल वाद कोर्ट में लंबित होने के बावजूद अनावेदक के हक में स्टे आर्डर कैसे जारी कर दिया गया। चूंकि मामला बेहद गंभीर है अत: कलेक्टर हर हाल में चार सप्ताह में हलफनामे में जवाब पेश करे। एकलपीठ ने कहा है कि यदि कलेक्टर ने समय पर जवाब नहीं दिया तो वे कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। यदि नायब तहसीलदार ने पद का दुरुपयोग करते हुए स्टे आर्डर जारी किया है तो उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई, यह भी न्यायालय को बताया जाये। जवाब न पेश करने पर कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने तैयार रहना होगा। दरसअल याचिकाकर्ता रोहन लाल मेहरा की ओर से अधिवक्ता सचिन जैन ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता और मदन लाल, लखन लाल के बीच गांव की एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसे लेकर मदन लाल ने सिविल कोर्ट में दावा पेश किया। साथ ही स्टे आर्डर की अंतरिम राहत चाही थी। जिसे सिविल कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। अभी भी सिविल कोर्ट में लंबित है। यह मामला संज्ञान में आने के बावजूद नायब तहसीलदार द्वारा मदन लाल, लखन लाल के आवेदन पर स्टे आर्डर पारित कर दिया। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेेते हुए उक्त निर्देश दिये।
