सहकार ग्लोबल का कमाल: सिंगरौली के ठेका के नाम पर सीधी की खदानों से निकाल रहे रेत

० शिकायत के बाद पूर्व में सीधी-सिंगरौली के सीमावर्ती क्षेत्र निगरी-निवास में अवैध उत्खनन को लेकर सहकार ग्लोबल के खिलाफ हो चुकी है कार्यवाही

नवभारत न्यूज

सीधी 6 फरवरी। सहकार ग्लोबल का कमाल यह है कि सिंगरौली के ठेका के नाम पर सीमावर्ती सीधी की खदानों से रेत उत्खनन का कारोबार शुरू किया गया है। शिकायत के बाद पूर्व में सीधी-सिंगरौली के सीमावर्ती क्षेत्र निगरी-निवास में अवैध उत्खनन को लेकर सहकार ग्लोबल के खिलाफ कार्यवाई हो चुकी है।

बताते चलें कि सहकार ग्लोबल कम्पनी द्वारा शहडोल जिले से रेत कारोबार की शुरूआत की गई थी। छोटी खदानों के नाम पर ठेका लेने के बाद आसपास की बड़ी नदियों से रेत अवैध रूप से निकालने को लेकर यह कम्पनी काफी सुर्खियों में 3 वर्ष से बनी हुई थी। संबंधित विभागों से सांठगांठ बनाकर कम्पनी द्वारा मशीन नदियों में उतारकर रेत का भारी उत्खनन करने के बाद भी वहां उसके विरूद्ध कार्यवाई नहीं होती रही। इसी वजह से कम्पनी द्वारा अपना रेत का कारोबार सिंगरौली जिले में भी फैला लिया गया। सिंगरौली जिले में वर्ष भर रेत उत्खनन में मनमानी करने के बाद सहकार ग्लोबल द्वारा सत्र 2024-25 में सीधी जिले की 18 रेत खदानों के लिये ठेका लिया गया।

काफी बड़ी लगाने से नीलामी के माध्यम से सहकार ग्लोबल को सीधी जिले की सभी रेत खदानों का ठेका मिल गया। किन्तु कम्पनी द्वारा रेत उत्खनन के लिये खनिज विभाग के साथ एग्रीमेंट की कार्यवाई करने की बजाय सीधे हाईकोर्ट में पहुंच गई। हाईकोर्ट में उसके द्वारा बहानेबाजी करते हुये दलील रखी गई कि खनिज विभाग द्वारा रेत खदानों में जो रेत की मात्रा बताई गई थी वह मौके पर नहीं है। जबकि खनिज विभाग द्वारा रेत खदानों के लिये टेण्डर भरने के पूर्व ही मौके पर निरीक्षण करके सहमति पत्र देने की शर्त लगाई गई थी। सहकार ग्लोबल द्वारा रेत खदानों का निरीक्षण करके अपनी संतुष्टि लिखित रूप में खनिज विभाग को दी गई थी। बाद में ठेका मिलने के बाद उसके द्वारा सीधी जिले में रेत खदानों का संचालन करने में लगातार पेंच फंसाया जा रहा है। जिसके चलते शासन को करोड़ो के राजस्व की क्षति हो चुकी है।

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अवैध उत्खनन पर सहकार ग्लोबल के खिलाफ हो चुकी है कार्यवाही

सीधी जिले में सहकार ग्लोबल की पहुंच काफी ऊंची होने के कारण उसके विरूद्ध शिकायतों के बावजूद सीधी जिले में कार्यवाई नहीं हो रही है। जबकि सिंगरौली जिले में सीधी-सिंगरौली के सीमावर्ती क्षेत्र निगरी-निवास में अवैध उत्खनन को लेकर उसके विरूद्ध कार्यवाई हो चुकी है। सिंगरौली जिले में ग्राम कटई के गोपद नदी में सहकार ग्लोबल द्वारा दो पोकलेन मशील लगाकर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। जबकि उसे रेत खदान की स्वीकृति ग्राम पंचायत निगरी में दी गई थी। स्वीकृत रेत खदान से लगभग एक किमी. दूर रेत का अवैध उत्खनन करने पर ग्रामीणों की एकजुटता से 4 नवम्बर 2024 को कार्यवाई हुई थी।

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इन खदानों से होता रेत का अवैध उत्खनन

सहकार ग्लोबल कम्पनी द्वारा एक तरफ सीधी जिले की रेत खदानों का संचालन जाहिर तौर पर नहीं किया जा रहा है लेकिन सीमावर्ती सिंगरौली जिले की ऐसी खदानों से रेत निकाली जा रही है जिसकी सीमा सीधी जिले से जुड़ी हुई है। इसकी आड़ में सीधी जिले की रेत खदान निधिपुरी, गोतरा, हर्दी आदि से भारी मात्रा में रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इसको लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। फिर भी जिम्मेदार विभागों द्वारा सहकार ग्लोबल कम्पनी द्वारा किये जा रहे अवैध उत्खनन पर कार्यवाई करने की बजाय बचाव में दलीलें दी जाती हैें।

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इनका कहना है

सहकार ग्लोबल कम्पनी द्वारा ङ्क्षसंगरौली जिले के सीमावर्ती सीधी जिले के गोतरा, हर्दी आदि क्षेत्रों में रेत अवैध उत्खनन की शिकायत मिली थी। अभी 5-6 दिन पूर्व ही उनके द्वारा खनिज निरीक्षक को राजस्व टीम के साथ भेजकर संबंधित क्षेत्रों में जांच करायी। जरीब लगाकर रेत उत्खनन क्षेत्र में नाप की कार्यवाई भी की गई, जिसमें पाया गया कि रेत का उत्खनन सिंगरौली जिले के सीमा क्षेत्र में ही किया जा रहा है। सीधी जिले के क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन न हो सके, इस पर विभाग की पैनी नजर बनी हुई है।

ए.के.राय, खनिज अधिकारी सीधी-सिंगरौली

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