
भिण्ड, 06 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चंबल का क्षेत्र अब डकैतों की पहचान से बाहर निकलकर आध्यात्मिकता, जैनधर्म और संतों की अमृतवाणी से पहचाना जा रहा है।
श्री तोमर भिण्ड में आज पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कभी डकैतों के नाम से कुख्यात चंबल क्षेत्र अब सनातन धर्म, जैन धर्म और वीर सपूतों की बलिदानी धरती के रूप में जाना जाता है। भिण्ड, मुरैना, दतिया, सोनागिरि और बरासों में स्थित जैन तीर्थ स्थल भगवान महावीर के विचारों और सिद्धांतों को प्रसारित कर रहे हैं। जैन संतों की कठोर तपस्या, त्याग और शाकाहार के प्रचार ने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी जैन धर्म की पहचान को मजबूती दी है। उन्होंने पंचकल्याणक महोत्सव को जैनधर्म की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया और कहा कि संतों के आशीर्वाद से सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
महोत्सव में अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि जीवन में अहंकार सबसे बड़ी बाधा है। भगवान महावीर का संदेश भी यही था कि मनुष्य को त्याग, तपस्या और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए। भिण्ड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रयागराज में जहां करोड़ों लोग गंगा स्नान कर रहे हैं, वहीं भिण्ड की धरती पर संत विहसंत सागर महाराज की कृपा से आध्यात्मिक अमृतवर्षा हो रही है।
