मध्यप्रदेश में हाईस्पीड रेलवे की संभावना पर चर्चा की यादव ने

नयी दिल्ली, 01 फरवरी (वार्ता) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कहा कि वह राज्य में जापान के उच्च प्रौद्योगिकी वाले उद्योगों की स्थापना और निवेश की उम्मीदों के साथ लौटे हैं जिनमें मध्य प्रदेश में हाईस्पीड रेलवे की उम्मीद भी शामिल है।

जापान की चार दिवसीय यात्रा से लौटने के बाद मध्य प्रदेश भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। राज्य सरकार ने जापान के मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम में जापान प्लस सेल की स्थापना करने की भी घोषणा की है।

श्री यादव ने कहा,“मैं अभी जापान की पांच दिवसीय यात्रा से लौटा हूं, जो मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक नया अध्याय साबित होगी।”

उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंधों के बीच, मध्य प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और आर्थिक यात्रा की जो राज्य के लिए अनेक संभावनाएं लेकर आई है। टोक्यो और ओसाका में आयोजित बैठकों और रोड-शो में जापानी कंपनियों ने मध्य प्रदेश में गहरी रुचि दिखाई है।

श्री यादव ने कहा कि जापान भारत का पांचवां सबसे बड़ा निवेशक है। मध्य प्रदेश में पहले से ही कई जापानी कंपनियां जैसे ब्रिजस्टोन, पैनासोनिक, एनएसके और कामात्सु सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। मध्य प्रदेश से जापान को बड़ी मात्रा में निर्यात होता है, वर्ष 2023-24 में यह निर्यात 9.3 करोड़ डॉलर रहा है जो लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जापान सरकार के साथ बैठकों का उद्देस्य सरकारी स्तर पर भी संदेश देना था व कंपनियों में विश्वास उत्पन्न करना था। प्रत्येक बैठक को पहले से ही रणनीतिक रूप से डिजाइन किया गया था, जिसमें मध्य प्रदेश में निवेश के लाभ, प्रदेश की औद्योगिक क्षमताएं और भविष्य की संभावनाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉर्पोरेट स्तर पर कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं जिनमें टोयोटा, ब्रिजस्टोन, पैनासोनिक जैसी विश्व की अग्रणी कंपनियों ने भाग लिया। टोयोटा ने नेटरैक्स और ऑटो हब में विशेष रुचि दिखाई और नर्मदपुरम में इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी निर्माण विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की। ब्रिजस्टोन के सीईओ शूइची इशिबाशी के साथ बैठक में कंपनी के मौजूदा संयंत्र के विस्तार और नई उत्पादन लाइन स्थापित करने की योजनाओं पर विस्तार से बातचीत हुई।

उन्होंने कहा कि पैनासोनिक एनर्जी ने भारत में अपने विस्तार की योजनाओं को साझा किया। यूनिक्लो कंपनी (फास्ट रिटेलिंग) ने कपास खेती से लेकर नैनो-टेक्नोलॉजी तक की अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर चर्चा की। कंपनी के चेयरमैन तदाशी यान्त्री के साथ महत्वपूर्ण बैठक में कंपनी ने मध्य प्रदेश में गहरी रुचि दिखाई। कंपनी ने भारत में कपास की खेती से लेकर नैनो-टेक्नोलॉजी और उन्नत सामग्री का उपयोग कर तकनीकी वस्त्रों के निर्माण तक की योजना बनाई है। सिस्मेक्स, एबारा कॉर्पोरेशन, नितोरी होल्डिंग्स और अन्य कंपनियों ने भी मध्य प्रदेश में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

श्री यादव ने कहा कि टेक्नोक्राफ्ट लिमिटेड के श्री शरद शराफ से महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। श्री शरद शराफ आईआईटी मुंबई व जम्मू और कश्मीर के चेयरमैन है साथ ही टेक्रोक्राफ्ट लिमिटेड के प्रमोटर है, श्री सराफ़ द्वारा उज्जैन के पास स्कैफोल्डिंग विनिर्माण इकाई स्थापित करने की योजना साझा की। श्री सराफ़ द्वारा मध्य प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संस्थानों में उच्च तकनीकी कौशल विकास ट्रेनिंग दिये जाने की योजना बतायी, साथ ही जापानी तकनीक के प्रयोग के संबंध में योजना साझा की

उन्होंने टोक्यो एवं ओसाका में आयोजित रोड-शो के बारे में कहा कि रोड शो ‘सेलिब्रेटिंग इंडिया-जापान रिलेशनशिपः फोकस मध्य प्रदेश’ ने जापान की प्रमुख कंपनियों और व्यापारिक संगठनों को मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास से अवगत कराया। टोक्यो एवं ओसाका में आयोजिय कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिनिधियों, एक्सपोर्ट इंपोर्ट उद्यमी, विभिन्न क्षेत्र की कम्पनियो ने इस कार्यक्रम में भाग लिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी जेट्रो और जाइका के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश में हाईस्पीड रेलवे की संभावनाओं पर चर्चा की है। हालांकि इस बारे में पत्रकारों के सवालों का उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि उनका आशय मध्यप्रदेश में मेट्रो रेल की अगली तकनीक के बारे में था। बुलेट ट्रेन के बारे में जो कुछ भी होगा, वह केन्द्र सरकार के साथ समन्वय और दिशानिर्देशन में किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम टोक्यो में जापान में रह रहे भारतीय समुदाय से संवाद किया गया और राज्य के विकास में उनके योगदान का आह्वान किया गया।

मुख्यमंत्री ने क्योटो की यात्रा को एक सांस्कृतिक धार्मिक अनुभव बताते हुए कहा कि क्योटो के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों सांजूसंगेंदो मंदिर, निजो कैसल और टू-जी मंदिर के भ्रमण से पारंपरिक धरोहरों के आधुनिक प्रबंधन का एक श्रेष्ठ मॉडल सामने आया। क्योटो ने अपनी प्राचीन विरासत को आधुनिक विकास के साथ जिस तरह संतुलित किया है, वह मध्य प्रदेश के लिए एक आदर्श उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा के बाद हमने विरासत स्थलों के प्रबंधन के लिए जापानी तकनीकों और प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने का निर्णय लिया है। विशेषकर उज्जैन में महाकाल लोक, सांची का बौद्ध परिसर और खजुराहो के मंदिरों के प्रबंधन में जापानी तकनीकों और प्रबंधन विधियों का उपयोग किया जाएगा।

श्री यादव ने कहा कि बौद्ध सर्किट के विकास में क्योटो के अनुभवों का विशेष महत्व होगा। सांची से देवनी-जाखोरा तक के बौद्ध स्थलों को जापानी पर्यटकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। यात्रा के फलस्वरूप आगामी 24-25 फरवरी को भोपाल में होने वाली मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में टोयोटा, ब्रिजस्टोन, पैनासोनिक सहित कई बड़ी जापानी कंपनियां एवं जेट्रो जैसे संगठन भाग लेंगे।

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के बारे में बताया कि मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025, वैश्विक निवेश का एक अभूतपूर्व मंच बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इस कार्यक्रम का शुभारंभ दिनांक 24 फ़रवरी को करेंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में चार प्रमुख विभागीय सम्मेलन (विभागीय समिट: आईटी, एनर्जी, टूरिज्म, एमएसएमई), विशेष प्रवासी सत्र, सेक्टोरल सेशन और बायर-सेलर मीट शामिल हैं। ऑटो और टेक्सटाइल एक्सपो के साथ नवीन तकनीकों का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र होगा। एक जिला-एक उत्पाद की अनूठी प्रदर्शनी राज्य की विविधता को दर्शाएगी।

श्री यादव ने कहा कि अभी तक आयोजित 7 रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव व 8 राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम से मध्य प्रदेश में 4 लाख करोड़ से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए है जिससे 4.50 लाख से अधिक रोज़गार उत्पान होना संभावित है इस अवधि में हमने 30 हज़ार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव को भूमि आवंटित की है। जीआईएस 2025 न केवल निवेश का मंच होगा, बल्कि यह भारत-जापान औद्योगिक सहयोग का एक नया अध्याय लिखेगा, जिसमें मध्य प्रदेश केंद्रीय भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए, हमने मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम में जापान प्लस सेल की स्थापना करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत एक डेडिकेटेड टीम जापान के निवेशकों के साथ संपर्क का नियमित फॉलो अप करेगी यह यात्रा न केवल निवेश और तकनीकी सहयोग का एक नया अध्याय है, बल्कि यह पति के मिलन से विकास की एक नई कहानी लिख रहा है। आने वाले समय में मध्य प्रदेश और जापान की यह साझीदारी भारत के विकास में एक नया मॉडल स्थापित करेगी।

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