
नवभारत न्यूज
खंडवा। शहर की दो वजूददार महिलाएं। एक को जनता ने,दूसरी को सरकार ने चुना है। ये दोनों शहर की व्यवस्थाएं या यूँ कहें, अव्यवस्थाएं सुधारने निकलीं। इनकी पैनी आँखों ने वह सब देखा, जिसके लिए इन्हें चुना गया है। कडक़ता से स्पाट पर निर्णय भी दिए। कभी लोगों के हाथ जोड़े,तो कभी डपटकर भी कहा,सुधार लो अपनी आदतें। शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझो।
यह नजारा था,महापौर अमृता अमर यादव एवं निगमायुक्त प्रियंका राजावत के शहर में औचक निरीक्षण का। केवलराम चौराहा, सब्जी मंडी, बुधवारा, रामगंज,सराफा, हरीगंज, वाटरवक्र्स होते हुए खारी बावड़ी, शिवाजी चौक, दुधतलाई जैसे स्पाट पर पहुंचीं। ऐसी जगह इस तरह के पदाधिकारी कम ही जाते हैं। वह भी किसी को बिना सूचना दिए।
दबंगता से चेतावनी भी
इनके साथ निगम की सरकारी टीम, एमआईसी के सदस्य भी थे। दल ने दुकानदारों से कहा कि डस्टबीन नहीं हैं,तो डस्टबीन रखना उनकी जिम्मेदारी है। कईयों को चेतावनी भी दबंगता से दी कि यदि डस्टबीन नही रखोगे, तो अगले निरीक्षण में फाईन किया जाएगा।
निरीक्षण दल ने यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दुकानदारों से अपील की कि वे अपनी दुकानों के सामने अव्यवस्थित वाहन खड़ेे न होने दें।
दुकानें सडक़
पर न फैलाएं
दोनों ने चेतावनी दी कि दुकानदार अपने सामान को फैलाकर ना रखें। महापौर एवं निगमायुक्त ने कई स्थानों की सफाई भी करवाई। सब्जी मंडी में खाली हाथ ठेले वालों को भी व्यवस्थित करवाए जाने के लिए कहा। सब्जी दुकानदारों को भी डस्टबीन रखने के लिए कहा। जनभागीदारी से सब्जी मंडी की सफाई करवाए जाने केे लिए कहा।
बगीचे में कचरे के ढेर
रामगंज में नालियों की सफाई कर उन पर जाली रखवाए जाने के लिए कहा। सराफा बाजार स्थित तुलसी उद्यान मेें कचरे केे ढेेर को तत्काल उठवाया गया। दल द्वारा दूधतलाई स्थित अवैध टपों को हटवाने के लिए कहा।
उपयंत्री को बुलाकर कहा कि वहॉ पर पाथ-वे बनवाने की ड्राइंग बनाकर लाएं। महापौर एवं निगमायुक्त ने सफाई एवं अतिक्रमण के संबंध मेें किसी भी प्रकार की लापरवाही किए जाने पर संबंधित कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई करें।
नाक-मुँह पर पल्लू रखती दिखीं मैडमें?
दोनों महिलाओं की शहर हित में ट्यूनिंग गजब की दिखी। इसमें यदि ईमानदार प्रयास हों,तो शहर की अव्यवस्थाओं का नक्शा बदल सकता है। इन्होंने नालियां गंदगी व बदबू से बजबजाती देखीं। क ई जगह नाक और मुंह पर पल्लू व चुनरी रखते भी दिखीं। इन्हें कचरे के ढेर दिखे। सब्जी मंडी में ओटले वर्षों से नहीं बने।् पुराने पदाधिकारियों के समय वाली निगम की फाईलों में सीमेंट की जगह ड्राईंग में पेन से ही बना दिए गए। सडक़ें नहीं होने के कारण इन दिनों में भी कीचड़ दिखा। आवारा जानवर सब्जी दुकानों से सब्जियाँ नोंचकर दौड़ते-भागते दिखे। इन पर भी मैडमों को ईमानदार कार्रवाई व दोषियों को छोटे-मोटे मनिश्मेंट जरूरी हैं। बड़े पदों पर आने वाले ये जिम्मेदार सडक़ों और गली-कूचों में उतरे हैं, तो इसका असर जरूर दिखेगा। फालो-अप का शहर को इंतजार रहेगा।
