सिंधिया ने अपने पत्र के साथ शिवपुरी कलेक्टर के पत्र को भी संलग्न किया है। इस पत्र में कलेक्टर ने अपनी जांच रिपोर्ट बताई है। इसमें उन्होंने लिखा है कि इस संकट को हल करने के लिए बैंक की अंशपूंजी 142.31 करोड़, ब्याज माफी योजना के तहत शेष राशि 14.46 करोड़ एवं सामान्य बैंक लिमिट के लिए 70 करोड़ की सहायता राशि प्रदान कर दी जाए तो किसानों को उनका पैसा मिल सकता है।
इस समय जिला सहकारी बैंक में जिन जमाकर्ताओं का पैसा फंसा है, वह पैसों के लिए भटक रहे हैं। हालत यह है कि कई जमाकर्ता कलेक्टर सहित केंद्रीय मंत्री से भी गुहार लगा चुके हैं। इसके बाद अब केंद्रीय मंत्री ने बैंक की खराब हालत की ओर सीएम का ध्यान आकर्षित कराते हुए पत्र में लिखा है कि बैंक पर क्षेत्र के किसानों की गहरी निर्भरता है, विशेष रूप से खाद, बीज और कृषि आवश्यकताओं की आपूर्ति के लिए।