
भोपाल, 20 दिसम्बर (वार्ता) मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि राज्य सरकार सभी जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पित है।
डॉ शाह ने कहा है कि सबके समावेशी सशक्तिकरण की लक्ष्य पूर्ति की दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार ने जनजातियों के समग्र विकास और कल्याण के लिए अगले 5 वर्षों के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की है। इस कार्य योजना का उद्देश्य शिक्षा, संस्कृति, रोजगार, और बुनियादी ढांचे के माध्यम से जनजातीय समाज को सशक्त बनाना है।
उन्होंने बताया कि कार्य योजना के तहत 205 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को सीएम राईज़ में परिवर्तित किया जाएगा। 36 कन्या शिक्षा परिसरों का निर्माण होगा। उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक स्तर पर खेल, गायन-वादन और प्रयोगशाला शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। करीब 6,238 शिक्षक पदों पर उच्च पदों का प्रभार सौंपा जाएगा। निर्माणाधीन सी.एम. राइज विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। बड़ी संख्या में छात्रावास अधीक्षकों के पदों पर भर्ती की जायेगी। इससे छात्रावासों को संचालन कुशलतापूर्वक हो सकेगा।
डॉ. शाह ने बताया कि जनजातीय लोक कला और उत्पादों का जीआई पंजीयन किया जाएगा। ट्राइबल कैफेटेरिया स्थापित किए जाएंगे। “समझ झरोखा” पत्रिका का पुनः प्रकाशन किया जाएगा पीवीटीजी (विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह) के लिए 4 सांस्कृतिक केंद्र भी बनाए जाएंगे।
डॉ. शाह ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके से सभी वनाधिकार पट्टों का डिजिटलीकरण किया जायेगा। सामुदायिक रेडियो केन्द्रों को और अधिक सुदृढ़ किया जायेगा। उन्होंने बताया कि अब नगरीय निकायों की वन भूमि पर काबिज दावेदारों को भी वनाधिकार मान्यता देने की ओर सरकार आगे बढ़ रही है। राजस्व भूमि के छोटे-बड़े जंगलों पर काबिज दावेदारों के अधिकारों को मान्यता मिलेगी। विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों (पीवीटीजी) के वनाधिकार पत्र धारकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
प्रदेश के 2,523 से अधिक चिन्हित गांवों में प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत कार्य योजना के तहत सभी अधोसंरचना विकास एवं जरूरी निर्माण कार्यों को पूरा किया जाएगा।
डॉ. शाह ने बताया कि आगामी 5 वर्षों में प्रदेश के 11 हजार 377 जनजातीय बहुल गांवों में 18 विभागों/मंत्रालयों की 25 प्रकार की योजनाओं/सुविधाओं के माध्यम से जनजातियों के विकास का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।