भारत की विदेश और व्यापार नीति ने बीते एक दशक में जिस आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई है, भारत-न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) उसी यात्रा की एक मजबूत कड़ी है. महज नौ महीने में तय हुआ यह समझौता केवल व्यापारिक करार नहीं, बल्कि […]

पड़ोसी बांग्लादेश में बीते कुछ समय से जिस तरह की हिंसा, अराजकता और लक्षित दंगों की घटनाएं सामने आ रही हैं, वह केवल ढाका की आंतरिक समस्या भर नहीं रह गई है. हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले, मंदिरों की तोडफ़ोड़, घरों-दुकानों में आगजनी और सोशल मीडिया के जरिए नफरत का […]

पिछले कुछ वर्षों में भारत की विदेश नीति केवल औपचारिक राजनयिक संवाद तक सीमित नहीं रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राएं इस बदलते दृष्टिकोण की स्पष्ट तस्वीर पेश करती हैं. दिसंबर 2025 में जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्राओं से लेकर उससे पहले नाइजीरिया, गुयाना और भूटान […]

देश में सडक़ें चौड़ी हो रही हैं, एक्सप्रेस वे आधुनिक बन रहे हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास का प्रतीक बताया जा रहा है. लेकिन इसी चमकदार तस्वीर के पीछे एक भयावह सच्चाई छिपी है. संसद में केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा पेश किए गए यह आंकड़े झकझोर देने […]

भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था लंबे समय से कल्याण और विकास के बीच संतुलन खोजती रही है. वर्ष 2005 में शुरू हुई मनरेगा ने संकट के समय करोड़ों ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम आय सुरक्षा दी, लेकिन दो दशक बाद यह भी सच है कि बदलते समय, बढ़ती आकांक्षाओं और 2047 तक […]

वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय अनिश्चितताओं के भंवर में फँसी है. अमेरिका-चीन तनाव, संरक्षणवादी नीतियां, ऊंचे ब्याज दरों का दबाव और पश्चिमी देशों में मंदी की आशंकाएं,इन सबके बीच भारत से आई एक खबर न केवल राहत देती है, बल्कि भरोसा भी जगाती है. नवंबर 2024 में भारत का माल निर्यात […]

ऑस्ट्रेलिया में अपने धार्मिक त्योहार का शांतिपूर्वक उत्सव मना रहे 16 यहूदियों की नृशंस हत्या और कई लोगों के घायल होने की घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है. यह हमला आकस्मिक नहीं था, न ही अंधाधुंध हिंसा का परिणाम. यह एक चयनित, लक्षित और वैचारिक आतंकवादी हमला था, […]

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दो वर्ष पूरे कर रहे हैं. यह सिर्फ एक राजनीतिक माइलस्टोन नहीं, बल्कि ऐसा दौर है जिसने प्रदेश की दिशा और दशा,दोनों में बदलाव की मजबूत नींव रखी जा रही है. इन दो वर्षों में जिस तीव्रता से फैसले हुए, जिस दृढ़ता […]