बादल फटने, भूस्खलन की घटना में मरने वालों की संख्या 18 तक पहुंची

शिमला, (वार्ता) हिमाचल प्रदेश में बादल फटने तथा भूस्खलन के दौरान जगह-जगह दबने से 18 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य के मलबे में दबे होने की आंशका है।

प्रदेश के कांगड़ा जिले में भारी बारिश से आई बाढ़ के कारण रेलवे का चक्की पुल शनिवार को बह गया है। कांगड़ा के एडीएम रोहित राठौर ने इसकी पुष्टि की है। पुल में हालांकि दरारें आने के कारण डेढ़ हफ्ता पहले रेल सेवा बंद कर दी थी। डीहार पंचायत के डोल गदयाडा गां में बैजनाथ-सरकाघाट सड़क भी बह गई है।

चंबा जिले में दंपती और उनके पुत्र की मौत हो गई है। कांगड़ा के भनाला की गोरडा (शाहपुर) में एक मकान गिरने से 12 साल के बच्चे की जान चली गई, जबकि मंडी के सराज, गोहर और द्रंग में बादल फटने की घटनाओं 13 की मौत हो गई
है। करीब नौ लोग लापता बताए जा रहे हैं। गोहर में प्रधान के परिवार के आठ लोगों के शव बरामद हुए हैं। मलबे में दबने से प्रधान और उनकी पत्नी की भी मौत हो गई। तीनों एनएच मंडी पठानकोट, मंडी कुल्लू और मंडी जालंधर वाया धर्मपुर बंद हो गए हैं।

इसके अलावा, कांगड़ा जिले में भूस्खलन से बगली स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। कांगड़ा जिले के भनाला की गोरडा (शाहपुर) में एक मकान गिर गया, जिसकी जद में आने से 12 साल के बच्चे की जान चली गई। इसके अलावा जिले में एक और व्यक्ति की मौत हो गई है।

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