
जबलपुर। शातिर साइबर ठगों ने गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर जाल बिछा, मोबाइल हैक कर और फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड कराकर चार पीडि़तों के बैंक खातों से कुल 3 लाख 26 हजार 997 रुपये पार कर दिए गए हैं। पीडि़तों की शिकायतों पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार मदनमहल थाना अंतर्गत स्नेहनगर निवासी अशोक कुमार नामदेव ऑर्डनेंस फैक्ट्री से सेवानिवृत्त है । उन्होंने ब्लिंकिट ऐप से सामान मंगाया था। बिल से अधिक पैसे कटने पर उन्होंने शिकायत के लिए गूगल पर ब्लिंकिट का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। वहां मिले फर्जी नंबर पर संपर्क करने पर ठग ने उन्हें वॉट्सऐप कॉल किया और मोबाइल सेटिंग्स में जाकर इन्फो एंड शेयर के माध्यम से उनके फोन का एक्सेस ले लिया। जैसे ही पीडि़त ने उनके बताए अनुसार स्टेप्स फॉलो किए, खाते में रिफंड आने की बजाय 83,000 रुपये कट गए। इसी प्रकार कैंट थाना अंतर्गत मोदीबाड़ा निवासी मोहम्मद अली अपने पिता के साथ परियट में डेयरी संचालित करता हैं। ठग ने उनके बैंक अकाउंट से कुल 1,43,997 रुपये उड़ा दिए। इसी तरह गोहलपुर थाना अंतर्गत अमखेरा निवासी संजय चौरसिया रेलवे विभाग के डीआरएम ऑफिस में पदस्थ हैं। अज्ञात साइबर अपराधी ने उनका पूरा मोबाइल फोन ही हैक कर लिया। इसके बाद ठग ने दो बार में कुल 48,300 रुपये की राशि धोखाधड़ी से ट्रांसफर कर ली। इसके अलावा भेड़ाघाट थाना अंतर्गत सहजपुर निवासी राजेश कुमार पटेल के पड़ोसी बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे। उनके इलाज के लिए राजेश ने नागपुर के लिवर स्पेशलिस्ट डॉ. दिलीप थांडे से संपर्क करने के लिए गूगल से नंबर निकाला। ठग ने डॉक्टर बनकर वॉट्सऐप पर संपर्क किया और अपॉइंटमेंट बुकिंग के नाम पर एक फर्जी फाइल भेजी। राजेश ने जैसे ही फाइल पर क्लिक कर जानकारी भरी, तो 5 रुपये के रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान करने को कहा गया। पीडि़त ने 5 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उनके खाते से तीन बार में कुल 1,00,000 रुपये कट गए।
