नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति में ‘हर-हर रेखा, घर-घर ठेका’ नारे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के इस अभियान ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। विवाद के केंद्र में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार की नई शराब बुकिंग ऐप है।
दरअसल, दिल्ली सरकार की ‘दिल्ली लिकर बुकिंग’ ऐप के जरिए लोग अपनी पसंद की शराब और बीयर ऑनलाइन बुक कर सकते हैं और निर्धारित दुकान से प्राप्त कर सकते हैं। इसी व्यवस्था को लेकर AAP ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी’ की तर्ज पर ‘हर-हर रेखा, घर-घर ठेका’ का नारा दिया।
इसके बाद सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड मीम्स और वीडियो भी साझा किए गए। आरोप है कि इन वीडियो में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को शराब विक्रेता के रूप में दिखाया गया। भाजपा ने इसे मुख्यमंत्री की छवि और महिला की गरिमा पर हमला बताया।
मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कुछ आपत्तिजनक पोस्ट और URL हटाने या ब्लॉक करने के अंतरिम निर्देश दिए हैं। साथ ही आम आदमी पार्टी को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 4 दिसंबर 2026 को निर्धारित है।
वहीं, भाजपा का कहना है कि ऐप का उद्देश्य घर-घर शराब पहुंचाना नहीं, बल्कि दुकानों पर भीड़ नियंत्रित करना है। पार्टी ने दावा किया कि इस व्यवस्था का प्रस्ताव दिसंबर 2024 में तत्कालीन AAP सरकार के कार्यकाल में तैयार हुआ था।
अब यह विवाद सिर्फ शराब नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीति में AI और डीपफेक के इस्तेमाल की मर्यादा पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
