जबलपुर: स्कूल व शराब दुकान का संचालन एक बिल्डिंग के किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश की गई जवाब में साल 2023 में किये गये संशोधन का हवाला देते हुए बताया कि स्कूल की श्रेणी में प्राइमरी कक्षाएं नहीं आती है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अल्पेश वाई कोगजे तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने जिला कलेक्टर को निर्देशित किया है कि अगली सुनवाई से पूर्व याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण करते हुए आदेश पारित करें। याचिका पर अगली सुनवाई 16 नवम्बर को निर्धारित की गयी है।
जबलपुर निवासी अजय पटेल की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि संजीवनी नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित बिल्डिंग के एक हिस्से में शराब दुकान संचालित हो रही है। उसकी बिल्डिंग के दूसरे हिस्से में संस्कार भारती नाम से स्कूल चल रहा है। याचिका में एक ही बिल्डिंग में स्कूल व शराब दुकान संचालित होने को नियम विरूध्द बताया गया था। नियम अनुसार धार्मिक स्थल व स्कूल से एक निर्धारित दूरी पर शराब दुकान संचालित किये जाने की अनुमति दी जानी चाहिये। याचिकाकर्ता के द्वारा इस संबंध में जिला कलेक्टर तथा आबकारी विभाग से शिकायत की गयी थी। शिकायत पर कार्यवाही नहीं होने के कारण उक्त याचिका दायर की गयी है।
युगलपीठ ने पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार,जिला कलेक्टर,आबकारी विभाग सहित अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी कर पूछा है कि एक बिल्डिंग में स्कूल व शराब दुकान का संचालन नियमों के अनुरूप है। युगलपीठ ने जिला कलेक्टर को निर्देशित किया था कि याचिकाकर्ता की तरफ से दिये गये अभ्यावेदन पर सुनवाई करते हुए आदेश जारी कर न्यायालय को अवगत करवाये।
याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से उक्त जवाब पेष किया गया। जिला कलेक्टर की तरफ से बताया गया कि स्कूल व आबकारी विभाग की रिपोर्ट प्राप्त हो गयी है। उनकी तरफ से अभ्यावेदन में आदेश जारी करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने पैरवी की।
