नयी दिल्ली, 06 नवंबर (वार्ता) लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर योजनाओं का लाभ आधार कार्ड के बजाय मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) से जोड़ने की तैयारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के एक वीडियो को साझा करते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार मतदाता सूची के जरिए गरीबों के अधिकारों को नियंत्रित करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश कर रही है।
श्री गांधी ने कहा कि मतदाता सूची से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर करोड़ों लोगों के नाम काटे जा रहे हैं और यदि इसे नहीं रोका गया तो भविष्य में और भी लोगों के नाम हटाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ आक्रोश है।
श्री गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के साथ मिलीभगत और वोट चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी मतदाता सूची बनाने की तैयारी है, जिसमें भाजपा का बहुमत सुनिश्चित रहे और भविष्य में उसी सूची के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ भी तय किया जाए। उन्होंने आशंका जताई कि आज पंचायती राज की योजनाओं का लाभ वोटर आईडी से जोड़ने की बात हो रही है, कल राशन, पेंशन, मनरेगा, आवास, छात्रवृत्ति और आरक्षण जैसी सुविधाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वोट देना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, कोई शर्त नहीं। किसी गरीब की पेंशन उसके वोटर कार्ड की गुलाम नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल वोट चोरी नहीं, बल्कि लोगों के अधिकारों की चोरी है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह चुनाव जीतने की राजनीति नहीं, बल्कि चुनाव चोरी करने और सत्ता में बने रहने का स्थायी इंतजाम है। कांग्रेस इस तरह की कोशिशों को सफल नहीं होने देगी।

