
इंदौर। दीपावली से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम मैदान में उतर गई है। गुरुवार को विभाग के नियंत्रक मनोज पुष्प ने इंदौर का औचक निरीक्षण किया। उनके निर्देशन में दो खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए 11 नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं, प्रारंभिक जांच में मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए मावा और मीठा मावा का करीब 1 लाख 20 हजार रुपये का स्टॉक जब्त किया गया।
दूध उत्पाद इकाई में मिली खामियां, मावा जब्त
पहली कार्रवाई सुखलिया-खातीपुरा स्थित अग्रवाल कंपाउंड के श्री देव प्रेम मिल्क प्रोडक्ट्स पर हुई। निरीक्षण में यहां दूध से पनीर, घी, मावा और मिठाइयों का निर्माण पाया गया। जांच के दौरान साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड और पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई। खाद्य पदार्थों का भंडारण अव्यवस्थित मिला।
चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से मावा और मीठा मावा की प्रारंभिक जांच में मिलावट की आशंका सामने आई। टीम ने मावा, मीठा मावा, मिल्क केक और स्टार्च के कुल पांच नमूने लिए। साथ ही करीब 1.20 लाख रुपये मूल्य का मावा और मीठा मावा विस्तृत जांच रिपोर्ट आने तक जब्त कर लिया।
चिप्स फैक्ट्री में सड़े आलू मिले
दूसरी कार्रवाई सांवेर रोड स्थित नमकीन क्लस्टर के श्री गणेश चिप्स भंडार में की गई। यहां आलू चिप्स और आलू लच्छा का निर्माण किया जा रहा था। निरीक्षण में कुछ सड़े हुए आलू मिले, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। खाद्य तेल की टीपीएम मीटर से जांच में गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई। टीम ने आलू चिप्स, आलू लच्छा, मिर्च पाउडर, आमचूर पाउडर, सेंधा नमक और काला नमक के छह नमूने संग्रहित किए।
दीपावली पर नमकीन, चॉकलेट और पैकेज्ड फूड भी जांच के दायरे में
निरीक्षण के बाद नियंत्रक मनोज पुष्प ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और औषधि निरीक्षकों की समीक्षा बैठक ली। खाद्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीपावली पर केवल मिठाइयों ही नहीं, बल्कि बेसन नमकीन, चॉकलेट और बहुराष्ट्रीय ब्रांडों के पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की भी सघन जांच की जाए। संदिग्ध खाद्य पदार्थों की मौके पर रैपिड टेस्टिंग कर अमानक पाए जाने पर नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई की जाए। नमूना संग्रहण बढ़ाने और प्रयोगशालाओं से जल्द रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।
अवैध दवा कारोबार पर एफआईआर के निर्देश
औषधि निरीक्षकों को गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा गया। अधिक मात्रा में अवैध दवा बिक्री करने वाली फर्मों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के अवैध कारोबार पर भी सख्ती बरतने को कहा गया।
अब रिपोर्ट का इंतजार
दोनों प्रतिष्ठानों से लिए गए सभी 11 नमूने विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
