सीधी।त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजारों में रौनक तो लौट आई है और चारों तरफ पैर रखने की जगह नहीं है, लेकिन इस बार भारी महंगाई ने ग्राहकों की जेब पर ताला लगा दिया है। बाजार में उमड़ रही भीड़ केवल देखने के लिए है, क्योंकि वास्तविक खरीदारी काफी कमजोर बनी हुई है। व्यापारियों को इस बार धनतेरस के महापर्व पर भी महंगाई का बड़ा असर पड़ने का अंदेशा सता रहा है।
यहां बताते चलें कि
महंगाई की सबसे बड़ी मार मोबाइल सेक्टर पर देखने को मिल रही है। मोबाइल व्यवसायियों के मुताबिक, स्मार्टफोन और मोबाइल फोन के दामों में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण देश भर में इस व्यवसाय में करीब 25 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
दूसरी ओर, धनतेरस के सबसे मुख्य केंद्र यानी सर्राफा बाजार सोना-चांदी व्यवसाय की हालत भी बहुत अच्छी नहीं है। सोने-चांदी के व्यापारियों का कहना है कि आगामी धनतेरस के व्यापार को लेकर वे बेहद चिंतित हैं।
विगत दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में 5,000 से 6,000 रुपये तक का बड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया है। दामों में आ रही इस अस्थिरता की वजह से ग्राहक पूरी तरह असमंजस में हैं। वे इस दुविधा में हैं कि कीमतें और गिरेंगी या बढ़ेंगी, जिसके कारण लोग फिलहाल बड़ी खरीदारी करने से बच रहे हैं और ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं।
व्यापारियों को उम्मीद है कि धनतेरस के मुख्य दिन बाजार में कुछ सुधार हो सकता है, लेकिन मौजूदा महंगाई ने त्योहारों के उत्साह को फीका जरूर कर दिया है।
इनका कहना है
इस साल त्योहारों के सीजन में मोबाइल बाजार की स्थिति काफी चिंताजनक है। कंपनियों द्वारा मोबाइल के दामों में की गई बेतहाशा वृद्धि ने आम ग्राहकों का बजट बिगाड़ दिया है। हमारे शोरूम में आने वाले ग्राहक अब नया फोन खरीदने में कतरा रहे हैं। लोग नया मोबाइल लेने के बजाय अपने पुराने फोन को ही रिपेयर कराकर काम चलाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। जो गिने-चुने ग्राहक आ भी रहे हैं, वे नकद खरीदारी करने के बजाय फाइनेंस का विकल्प ज्यादा चुन रहे हैं, क्योंकि एकमुश्त पैसा लगाना हर किसी के बजट में नहीं है। इस महंगाई के कारण व्यवसाय में करीब 25% तक की गिरावट साफ देखी जा रही है।
अमित केशरी
संचालक
सुविधा मोबाइल सीधी
इस बार धनतेरस और दीपावली को लेकर ग्राहकों में उत्साह तो है, लेकिन सोने-चांदी के दामों में आ रहे भारी उतार-चढ़ाव ने बाजार की रफ्तार धीमी कर दी है। पिछले कुछ दिनों में ही कीमतों में 5,000 से 6,000 रुपये तक की जो बड़ी हलचल देखी गई है, उसने ग्राहकों को पूरी तरह असमंजस में डाल दिया है। लोग इस दुविधा में हैं कि सही समय कौन सा है; उन्हें डर है कि आज खरीदने के बाद कहीं दाम और न गिर जाएं। इसका नतीजा यह है कि बाजार में पूछताछ तो बहुत हो रही है, लेकिन वास्तविक बड़ी खरीदारी रुकी हुई है। हालांकि, हमें उम्मीद है कि धनतेरस के मुख्य दिन शगुन के तौर पर लोग बाजारों में निकलेंगे और व्यापार में कुछ सुधार होगा।
अनिल कुमार सोनी
कान्हा गोल्ड, सीधी
