
मऊगंज, जिले में बढ़ती सडक़ दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर कक्ष में कलेक्टर राजेश कुमार ओगरे की अध्यक्षता में सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई.
बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए ने सख्त निर्देश दिए कि किसी भी रोटरी (चौराहे) और लेफ्ट टर्न पर भारी वाहनों तथा बसों को रुकने की अनुमति कतई न दी जाए. ऐसा करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि मोड़ पर जाम और दुर्घटना की स्थिति न बने. बैठक में हादसों के प्रमुख कारणों की समीक्षा की गई, जिनमें तेज गति, नशे में वाहन चलाना, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग न करना और सडक़ संकेतों की अनदेखी को मुख्य वजह माना गया. यातायात पुलिस को विशेष अभियान चलाकर हेलमेट व सीट बेल्ट को अनिवार्य करने, ओवरलोडिंग तथा नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ चालान और वसूली की सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी और एनएचएआई को दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने, सडक़ संकेतक, स्पीड ब्रेकर, स्ट्रीट लाइट और रोड मार्किंग को तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया है. सडक़ों की मरम्मत करने, गड्ढे भरने और जगह-जगह रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि रात्रि के समय होने वाले हादसों को टाला जा सके. शहर के आंतरिक यातायात को सुगम बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग पर अंकुश लगाने और ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया है. बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल वाहनों के लिए नई गाइडलाइन जारी करने के निर्देश दिए गए. कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग स्कूलों की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को सुरक्षित छोडऩे, ले जाने और वाहनों की सुरक्षित पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए. बैठक में अपर कलेक्टर पीके पांडेय, एसडीएम हनुमना राजेश मेहता, एसडीएम मऊगंज रश्मि चतुर्वेदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम, डिप्टी कलेक्टर अजीत मिश्र मौजूद थे.