रीवा: शहर में घूम रहे आवारा गौवंश लोगो की जान के लिये खतरा बन रहे है. आम राहगीर से लेकर दुकानदार तक इनकी धमाचौकड़ी से परेशान है. लेकिन जिम्मेदार नगर निगम की नींद नही टूट रही है. आवारा गौवंशों को पकडऩे में कोताही बरती जा रही है तो वही पशु पालकों के खिलाफ जुर्माने की कार्यवाही भी नही हो रही है.आवारा गौवंश एक बड़ी समस्या शहर के लिये भी बन गये है. सडक़ो में धमाचौकड़ी मचाते रहते है, रात के समय सडक़ हादसे का शिकार लोग होते है. सडक़ों पर बैठने के बाद उठते नही है रात के अंधेरे में गौवंश दिखाई भी नही देते कि कहा बैठे है. नगर निगम को चाहिये कि ऐसे गौवंशों को पकड़ कर गौशाला में पहुंचाया जाय और पशु पालकों के खिलाफ कार्यवाही की जाय. लेकिन कार्यवाही नही होती है.
यही वजह है कि पशु पालक दूध निकालने के बाद अपने गौवंशो को खुला छोड़ देते है जो सडक़ो पर घूमते रहते है. हाल ही में पीटीएस चौराहे के पास चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा पिता जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा के ऊपर आवारा गौवंश ने हमला कर दिया. जिन्हे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके पूर्व भी कई लोगो को आवारा गौवंश अपना शिकार बना चुके है. एक वर्ष पूर्व विश्वविद्यालय थाना अन्तर्गत अनंतपुर में एक बैल ने मार्निंगवाक के दौरान एक वृद्ध पर हमला किया था. आए दिन इस तरह की घटनाएं शहर में देखने को मिलता है उसके बाद भी नगर निगम प्रशासन की नींद नही टूट रही है. स्वास्थ्य अधिकारी मुरारी कुमार का कहना है कि आवारा गौवंशों को पकडऩे की कार्यवाही की जा रही है. जहा से शिकायत आती है वहा टीम भेज कर पकड़ा जाता है.
पशु पालकों के खिलाफ जुर्माने की कार्यवाही हो
अभिषेक मोनू तिवारी का कहना है कि शहर के साथ आवारा गौवंश ग्रामीण क्षेत्र जो कि नगर निगम में ही आता है वहा भी नुकसान पहुंचा रहे है. फसलों को नुकसान पहुचाने के साथ लोगो को अपना शिकार बनाते है. पशु पालक दूध निकालने के बाद गौवंशों को खुला छोड़ देते है, ऐसे पशु पालकों के खिलाफ जुर्माना लगाया जाय और आवारा गौवंश के गले में रेडियम पट्टी डाली जाय ताकि अंधेरे में दिख सके. शहर में जहा लाइट की व्यवस्था है वहा तो ठीक है लेकिन जहा लाइट नही रहती वहा सडक़ों पर गौवंश दिखाई नही देते है.
जान के लिये खतरनाक है आवारा गौवंश
व्यापारी राजेश साहू ने बताया कि आवारा गौवंश से सभी परेशान है. एक ओर जहा दुकान के सामने गंदगी करते है वही दूसरी तरफ दुकान के बाहर अगर कोई ग्राहक या वाहन खड़ा है तो उसे गिरा देते है. कई बार ग्राहको पर हमला भी कर चुके है, जिससे चोट पहुंची है. नगर निगम में सूचना देने के बाद भी आवारा गौवंशों को नही पकड़ा जाता है. जबकि सभी संसाधन नगर निगम के पास है. शहर में घूम रहे आवारा गौवंश जान के लिये भी खतरनाक साबित हो रहे है.
