ब्यावरा। गोवंश तस्करी के खिलाफ गोसेवकों की सतर्कता से रविवार को 34 गोवंश को मुक्त कराया गया. गुना की तरफ से कंटेनर में ठूंसकर ले जाए जा रहे बैल-बछड़ों का गोसेवकों ने पीछा किया तो चालक और उसका साथी वाहन छोडक़र भाग निकले.
एबी रोड पर कटारा ढाबे के आगे सतलुज वेयरहाउस के पास लावारिस मिले कंटेनर को पुलिस की मदद से खुलवाया गया. 30 बैल और 4 बछड़े रस्सियों से बंधे मिले. सभी पशुओं को सुरक्षित पंचमुखी हनुमान मंदिर स्थित गौशाला भेजा गया.
रविवार सुबह करीब 5 बजे सूचना मिली थी कि कंटेनर क्रमांक एचआर 38 एजी 1008 में बैल-बछड़ों को भरकर गुना की तरफ से ले जाया जा रहा है. गुना रोड से कंटेनर का पीछा करते हुए गौसेवक एबी रोड तक पहुंचे. इस दौरान चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी गति बढ़ा दी. कुछ दूरी आगे कटारा ढाबे के पास चालक कंटेनर छोडक़र अपने साथी के साथ भाग निकला. ट्रक को रोकने के लिए गौसेवकों ने कंटेनर के पहिये पंक्चर किए.
गोसेवकों ने कंटेनर की कैबिन में बनी खिडक़ी से अंदर झांककर देखा तो बैल-बछड़े बुरी तरह ठूंसकर भरे हुए थे. उनके पैर रस्सियों से बंधे हुए थे. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मदद से कंटेनर खुलवाया गया तो उसमें 30 बैल और 4 बछड़े मिले.
