
ग्वालियर। सिंधिया राजपरिवार की करीब 41 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े विवाद में आपसी सहमति से तैयार समझौता प्रस्ताव (राजीनामा) कानूनी अड़चनों में उलझ गया है। गुरुवार को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत में होने वाली सुनवाई संबंधित न्यायाधीश के अवकाश पर रहने के कारण टल गई। अब मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।
गुरुवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्माराजे की बेटी प्रतिमा राणा के बयान दर्ज होने थे। प्रतिमा राणा ने आरोप लगाया है कि समझौता प्रस्ताव पर उनकी सहमति के हस्ताक्षर धोखाधड़ी से कराए गए। अदालत ने प्रतिमा देवी का आवेदन स्वीकार करते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने और आरोपों के समर्थन में साक्ष्य पेश करने का अवसर दिया है।
इस मामले में 4 अक्टूबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान अदालत में आगे की प्रक्रिया बढ़ाई गई थी। अब प्रतिमा राणा के आरोपों और उनके पक्ष में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों पर आगे की कार्यवाही होगी।
