
भोपाल। गृह राज्य तेलंगाना में ट्रांसफर कराने के बदले रिश्वत मांगना डाक विभाग के एक अधिकारी को भारी पड़ गया। सीबीआई भोपाल की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने गुरुवार को खरगोन में पदस्थ मेल ओवरसीयर अश्विनी कुमार मिश्रा को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। महिला कर्मचारी की शिकायत पर सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से तेलंगाना के संगारेड्डी जिले की रहने वाली राठौड़ सक्कूबाई खरगोन जिले के कसरावद उपसंभाग के पिपलगांव शाखा डाकघर में ब्रांच पोस्टमास्टर के पद पर पदस्थ हैं। वह अपने गृह राज्य में परिवार के पास जाना चाहती थीं और इसके लिए पिछले कुछ महीनों से तबादले का प्रयास कर रही थीं। आरोप है कि इस दौरान स्थानीय अधिकारी काम में कमियां निकालकर उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दे रहे थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थीं।
20 हजार मांगे, बातचीत में 15 हजार पर सौदा
शिकायत के मुताबिक, मेल ओवरसीयर अश्विनी कुमार मिश्रा ने महिला कर्मचारी को फोन कर पूछा कि क्या वह तेलंगाना में ट्रांसफर कराना चाहती हैं। हामी भरने पर मिश्रा ने उन्हें खरगोन हेड ऑफिस बुलाया और उपसंभागीय निरीक्षक महेंद्र कुमार साकेत से मुलाकात कराई। आरोप है कि ट्रांसफर और उससे जुड़ी कागजी कार्रवाई पूरी कराने के एवज में दोनों अधिकारियों ने 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के दौरान रकम घटाकर 15 हजार रुपए कर दी गई।
सीबीआई से की शिकायत, जांच के बाद कार्रवाई
रिश्वत की मांग से परेशान महिला कर्मचारी ने भोपाल स्थित सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में शिकायत की। एजेंसी ने प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की योजना बनाई। गुरुवार को अश्विनी कुमार मिश्रा को कथित तौर पर 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
सीबीआई ने मामले की जांच इंस्पेक्टर सुशील महाराणा को सौंपी है। एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि रिश्वत मांगने और ट्रांसफर की प्रक्रिया में अन्य अधिकारियों की क्या भूमिका थी। मामले में महेंद्र कुमार साकेत की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
