नई दिल्ली, हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों के परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर की गई तीखी टिप्पणियों पर कांग्रेस ने अब जोरदार पलटवार किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कड़ा जवाब देते हुए प्रधानमंत्री को सलाह दी कि वे दूसरों को उपदेश देने के बजाय अपने खुद के गढ़ों पर आत्म-मंथन करें। उन्होंने भाजपा को ट्रोलिंग का रास्ता छोड़ने की नसीहत देते हुए कहा कि देश के करोड़ों परिवार कमर तोड़ महंगाई से त्रस्त हैं, युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और निजी निवेश पूरी तरह ठप पड़ा है, इसलिए सरकार को अपना अहंकार छोड़कर इन वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
वाराणसी, नागपुर, लखनऊ, प्रयागराज और पटना में भाजपा को मिली करारी हार, जनता ने नीतियों के खिलाफ पारित किया अविश्वास प्रस्ताव
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से तीखा सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस की सीटों का हिसाब लगाने से बेहतर होता कि वे यह आत्म-मंथन करते कि खुद उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा को हार का सामना क्यों करना पड़ा, और आरएसएस के मुख्य गढ़ नागपुर में कांग्रेस ने किस प्रकार भाजपा को मात दी। उन्होंने कहा कि वाराणसी और नागपुर से लेकर लखनऊ, प्रयागराज और पटना तक के चुनावी परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि देश की आम जनता ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ स्पष्ट रूप से अपना ‘अविश्वास प्रस्ताव’ पारित कर दिया है।
बीजेपी और आरएसएस के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में हार से पार्टी को बड़ा झटका, 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी सरगर्मी तेज
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में हुए इन एमएलसी चुनावों के नतीजे सत्तारूढ़ दल के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हार मिलना और बिहार में राष्ट्रीय अध्यक्ष के गृह शहर पटना में भाजपा का पिछड़ना पार्टी के भीतर गंभीर चिंतन का विषय बन गया है। इसके अलावा, महाराष्ट्र के नागपुर में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी की जीत ने भगवा खेमे की नींद उड़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इन पारंपरिक गढ़ों में हुई यह पराजय भाजपा के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

