ब्रासीलिया / मियामी, ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से पराजित होने के बाद दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लेवियो बोल्सोनारो ने देश छोड़कर अमेरिका में शरण ले ली है। मियामी पहुंचने के बाद 45 वर्षीय बोल्सोनारो ने सोशल मीडिया पर आक्रामक रुख अपनाते हुए दावा किया कि वे ही ब्राजील के असली और चुने हुए राष्ट्रपति हैं। उन्होंने हालिया चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में आपराधिक नेटवर्क ने सत्ता पर कब्जा कर लिया है और वे अब अमेरिका से ही ब्राजील के विपक्ष का नेतृत्व करेंगे।
भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बीच पासपोर्ट सरेंडर से पहले देश से निकले बोल्सोनारो, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावे से बनाई दूरी
फ्लेवियो बोल्सोनारो पर ब्राजील में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर मामलों की जांच चल रही है। संसदीय संरक्षण (इम्युनिटी) समाप्त होने से ठीक पहले पासपोर्ट सरेंडर करने के निर्देशों के बावजूद वे अपनी पत्नी और बेटियों के साथ अर्जेंटीना और इक्वाडोर होते हुए प्राइवेट जेट से फ्लोरिडा पहुंचे। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने उन्हें इमिग्रेशन क्लीयरेंस दे दी है। वहीं, बोल्सोनारो परिवार के करीबी माने जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील की चुनाव प्रक्रिया को ‘अजीब’ तो बताया, लेकिन फ्लेवियो के खुद को राष्ट्रपति घोषित करने के दावे का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया।
राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने देश छोड़कर भागने को बताया ‘शर्मनाक’, ब्राजील पुलिस ने स्पष्ट किया कि बोल्सोनारो अभी आधिकारिक भगोड़े नहीं
रविवार को 51.8 फीसदी वोट हासिल कर जीत दर्ज करने वाले ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने बोल्सोनारो के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। अपने 81वें जन्मदिन पर बयान देते हुए लूला ने कहा कि जो नेता इस तरह चोरी-छिपे देश से भागता है, उसके पास छिपाने के लिए जरूर कोई न कोई गुनाह होता है। दूसरी ओर, ब्राजील के कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने बुलेटिन जारी कर स्पष्ट किया है कि बोल्सोनारो के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है, लेकिन फिलहाल उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘भगोड़ा’ घोषित नहीं किया गया है।

