सिंगरौली। शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सरई में कक्षा 11वीं के छात्र सूरज जायसवाल की दोपहर करीब 12 बजे अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र ग्राम इटमा निवासी सियाराम जायसवाल का पुत्र बताया जा रहा है। छात्र सुबह करीब 10:30 बजे विद्यालय पहुंच चुका था।
जानकारी के मुताबिक, शिक्षक हीरालाल प्रजापति ने छात्र के अभिभावक को फोन कर उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही अभिभावक विद्यालय पहुंचे, लेकिन वहां का दृश्य देखकर वे हैरान रह गए। छात्र स्कूल परिसर के भीतर नहीं, बल्कि बाहर पेड़ के नीचे लेटा हुआ मिला।
घटना ने विद्यालय में छात्रों की सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि तबीयत बिगड़ने के बाद छात्र को तत्काल प्राथमिक उपचार क्यों नहीं दिया गया और उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए विद्यालय प्रबंधन ने समय रहते कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया।
अभिभावकों के बीच भी इस घटना को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि स्कूल में किसी छात्र की तबीयत अचानक बिगड़ने पर प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है कि उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि छात्र को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए विद्यालय की ओर से कोई मदद की गई या नहीं। मामले में विद्यालय प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है.
