नई दिल्ली, भारतीय घरेलू उड्डयन क्षेत्र के लिए सितंबर का महीना भारी मंदी लेकर आया है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए (DGCA) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या पिछले महीने के मुकाबले 6.49 प्रतिशत गिरकर 1.18 करोड़ पर आ गई, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा 1.21 करोड़ था। केवल महीने-दर-महीने ही नहीं, बल्कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में भी पैसेंजर ट्रैफिक में 7 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके पीछे महंगे हवाई किराए और सीजनल सुस्ती को मुख्य वजह माना जा रहा है।
बाजार पर इंडिगो और एयर इंडिया का एकछत्र राज, दोनों कंपनियों के पास 92% से अधिक मार्केट शेयर; स्पाइसजेट की स्थिति बेहद खराब
यात्रियों की कुल संख्या में कमी के बावजूद देश के आसमान पर इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप का दबदबा पूरी तरह कायम है। सितंबर में इंडिगो ने 77.30 लाख यात्रियों को सफर कराकर 65.4% मार्केट शेयर हासिल किया, जबकि टाटा समूह की एयर इंडिया 31.65 लाख यात्रियों (26.8% शेयर) के साथ दूसरे स्थान पर है। इन दोनों दिग्गजों का देश के कुल घरेलू बाजार पर 92% से ज्यादा कब्जा है। इसके विपरीत, वित्तीय संकट से जूझ रही स्पाइसजेट का मार्केट शेयर गिरकर महज 0.6% रह गया है, जबकि अकासा एयर 5.6% हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर मजबूती से टिकी हुई है।
लगातार चार महीनों से जारी है यात्रियों की संख्या में गिरावट, अब एयरलाइंस कंपनियों की निगाहें आगामी फेस्टिव सीजन पर टिकीं
भारतीय एविएशन सेक्टर में यह सुस्ती पिछले कुछ समय से लगातार बनी हुई है। चालू वित्त वर्ष में मई महीने को छोड़कर जून से लेकर सितंबर तक लगातार चार महीनों से घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे विमानन कंपनियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, अब एयरलाइंस और ट्रैवल इंडस्ट्री की पूरी उम्मीदें दिवाली, छठ और नए साल के आने वाले त्योहारी सीजन पर टिकी हैं, जहां उन्हें भारी बुकिंग और यात्रियों की तादाद में जोरदार उछाल की उम्मीद है।

