जबलपुर: टीकमगढ़ नगर पालिका के द्वारा पानी के टैक्स में 160 प्रतिशत की भारी वृद्धि किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अल्पेश वाई कोगजे तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास को याचिकाकर्ता के आवेदन पर निर्णय लेने के निर्देश जारी किये हैं। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि आवेदन पर लिये गये निर्णय से याचिकाकर्ता को अवगत करवायें और आवश्यकता पडने पर उसे सुनवाई के लिए अवसर प्रदान करें। युगलपीठ ने उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया।
याचिकाकर्ता पवन घुवारा की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि नगर पालिका टीकमगढ़ के द्वारा 2 जून 2022 को एक प्रस्ताव पारित किया गया था। पारित प्रस्ताव में पानी के टैक्स में 160 प्रतिशत की बढोत्तरी कर दी गयी। याचिका में कहा गया था कि टैक्स में की गयी वृद्धि से लोगों पर आर्थिक बोझ बढेगा। इसके अलावा टैक्स में 160 गुना वृद्धि किया जाना व्यावहारिक नहीं है। टैक्स में की गयी अत्यधिक वृद्धि के खिलाफ उसने संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवेदन और शिकायत भी प्रस्तुत की थीं। इनमें मध्य प्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त को आवेदन दिया था।
आवेदन व शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण हाईकोर्ट की शरण लेते हुए उक्त याचिका दायर की गयी है। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को उक्त निर्देश जारी किये।
