सीहोर। शहर के भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर डिमार्ट के समीप सड़क का गहरा गड्ढा एक गर्भवती महिला की मौत का कारण बन गया. बाइक का पहिया गड्ढे में उतरने से वाहन अनियंत्रित हुआ और बाइक पर सवार 24 वर्षीय गर्भवती रक्षा सोनानिया अपने दो साल के बेटे के साथ सड़क पर गिर गई. हादसे में गंभीर चोट आने से रक्षा की मौत हो गई, जबकि उसका पति और मासूम बेटा भी घायल हो गए. घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया. रहवासियों ने सड़क पर चक्काजाम कर नगर पालिका के खिलाफ नाराजगी जताई. लोगों का आरोप था कि गड्ढे की मरम्मत के लिए कई बार शिकायत करने के बावजूद नपा के जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया. मौके पर पहुंचे नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शाजापुर जिले के ग्राम अरनिया कलां निवासी आयुष सोनानिया अपनी गर्भवती पत्नी रक्षा और दो साल के बेटे के साथ बाइक से सीहोर आ रहे थे. रक्षा को सोनोग्राफी करानी थी. इसी दौरान डिमार्ट के आगे सड़क किनारे मौजूद गहरे गड्ढे में बाइक का पहिया उतर गया. इससे बाइक अनियंत्रित हो गई और रक्षा अपने बेटे सहित सड़क पर गिर पड़ी. हादसे में रक्षा को गंभीर चोटें आईं.
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने रक्षा को मृत घोषित कर दिया.उसके बेटे के सिर में मामूली चोट आने की जानकारी सामने आई है. इस हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गिरीश दुबे तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. कुछ देर बाद नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर भी घटनास्थल पर पहुंचे. लोगों की नाराजगी को देखते हुए उन्होंने समीप में आरएके कॉलेज की बाउंड्रीवाल का काम कर रहे कारीगरों को बुलवाया और गड्ढे की मरम्मत का काम शुरू कराया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश शांत हुआ और जाम समाप्त हो सका.
शिकायतें होती रहीं, गड्ढा बना रहा जानलेवा
हादसे के बाद स्थानीय रहवासियों ने पुराने स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. प्रदर्शन में शामिल पूर्व पार्षद अनूप चौधरी ने आरोप लगाया कि सड़क के इस गड्ढे को भरने के लिए नगर पालिका सीएमओ को कई बार अवगत कराया गया था. इस संबंध में आवेदन भी दिए गए और दो बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. लोगों का कहना था कि यदि समय रहते गड्ढे की मरम्मत कर दी जाती तो संभवत: यह हादसा टाला जा सकता था. पूर्व पार्षद चौधरी के मुताबिक करीब आठ दिन पहले भी कुबेरेश्वर धाम से लौट रहा श्रद्धालुओं से भरा एक सवारी ऑटो इसी गड्ढे के कारण पलट गया था. उस हादसे में दो श्रद्धालुओं के हाथ में फ्रैक्चर हो गए थे. इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई. लगातार शिकायतों और पहले हुए हादसे के बाद भी गड्ढा जस का तस बने रहने से लोगों में नाराजगी थी. प्रदर्शनकारियों ने जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत और जवाबदेही तय करने की मांग की
लगातार दूसरे दिन मौत का कारण बने गड्ढे
इस हादसे का कारण सड़क पर बने गड्ढे को माना जा रहा है. इसी तरह रविवार की रात सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर ग्राम पारवा के समीप कार और बाइक की भिड़ंत का कारण भी जर्जर सड़क के गड्ढे निकले. प्रत्यक्षदर्शियों के बताए अनुसार गड्ढों से बचने के प्रयास में कार चालक ने सामने से आ रही बाइक में टक्कर मार दी थी. इस हादसे के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई थी. गंभीर रूप से घायल बाइक सवार दो युवकों को उपचार के लिए भोपला रेफर किया गया था जहां उन्होंने दम तोड़ दिया था. दो दिन में तीन मौतों का जिम्मेदार बने गड्ढों को आखिरकर भरने में बरती जा रही लापरवाही और भी हादसों का सबब बनेगी
