सीएम ने किया मां बगलामुखी देवी लोक का भूमिपूजन

नलखेड़ा,  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने 85 करोड़ 40 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए राम मंदिर निर्माण के लिए दिए गए चंदे को वापस मांगने संबंधी पत्र के संदर्भ में कहा हम वह नहीं हैं, जो चंदा दें और फिर चंदा वापस मांगें. ऐसे लोगों को डूब मरना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 14 अलग-अलग धार्मिक नगरों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं. उज्जैन में महाकाल लोक के विकास के बाद अब मां बगलामुखी लोक का निर्माण किया जाएगा. इसके माध्यम से नलखेड़ा आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. उन्होंने कहा कि मां बगलामुखी धाम आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए बायपास सडक़ के साथ फोरलेन सडक़ की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. नलखेड़ा क्षेत्र में पूर्व में हुई पानी में बहने की घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने दुख जताया. उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इससे उन्हें भी पीड़ा होती है. किसी के पैर में कांटा चुभता है, तो दर्द हमें भी होता है. उन्होंने घटना से जुड़ी पुलिया को ऊंचा और चौड़ा बनाने की बात कही. ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके. भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान सुसनेर विधायक भैरो सिंह परिहार बापू ने मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की. मुख्यमंत्री और विधायक के बीच हुई गुफ्तगू भी कार्यक्रम स्थल पर चर्चा का विषय बनी रही. हेलीपैड पर संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर शेर सिंह मीणा, सांसद और विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचने से पहले आगर के पूर्व विधायक गोपाल परमार और भाजपा जिला महामंत्री मयंक राजपूत के बीच किसी बात को लेकर बहस होने की चर्चा रही. हालांकि मामला वहीं शांत हो गया.

ये विकास कार्य होंगे प्रथम चरण में…

मां बगलामुखी देवी लोक प्रथम चरण के लिए 85.40 करोड़ रुपए के विकास कार्य होंगे. मुख्य मंदिर एवं शिखर निर्माण 2800 वर्गमीटर क्षेत्र में मंदिर के गर्भगृह और ऊपरी संरचना का निर्माण किया जाएगा. मंदिर में पत्थर की क्लैडिंग भी की जाएगी. मुख्य शिखर की ऊंचाई 108 फीट प्रस्तावित है. 220 यज्ञशालाओं का विकास किया जाएगा. परिसर में 625 वर्गमीटर क्षेत्र में गौशाला बनाई जाएगी. श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था के लिए मंदिर कॉरिडोर एवं प्रांगण का विकास किया जाएगा. विशिष्ट अतिथियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं से युक्त भवन का निर्माण किया जाएगा. देवी लोक परिसर में प्रवेश के लिए चार भव्य द्वार बनाए जाएंगे. 55 एकड़ में फैले संपूर्ण परिसर की सुरक्षा और सीमांकन के लिए बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारपहिया वाहनों और बसों की पार्किंग विकसित की जाएगी. साथ ही शौचालय ब्लॉक का निर्माण भी होगा. परिसर में भूमि विकास, उद्यान निर्माण और हरित क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा. परिसर में आंतरिक एवं बाहरी विद्युत व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाएं विकसित की जाएंगी.

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