
बालाघाट, जिले के नक्सल प्रभावित रहे 100 गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री आदित्य सिंह के मार्गदर्शन में इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। युवाओं और जनजातीय समुदाय के लोगों के लिए स्वरोजगार की संभावनाएं विकसित करना भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
कलेक्टर श्री आदित्य सिंह के निर्देश पर नक्सल प्रभावित रहे 100 गांवों को चार क्लस्टर में विभाजित किया गया है। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आगामी 14 दिनों तक इन गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद करने और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दौरान गांवों में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का आकलन कर आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर
अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, सिंचाई, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की जरूरतों का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी प्राथमिकताएं जानी जा रही हैं, ताकि प्रस्तावित विकास कार्य स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए जा सकें।
इसके साथ ही कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्योद्योग, डेयरी और उद्योग विभाग के अधिकारियों को गांवों में आजीविका के अवसर तलाशने की जिम्मेदारी दी गई है। जनजातीय कार्य विभाग सहित संबंधित विभाग शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहे हैं। अभियान में स्वास्थ्य, पोषण और जनजागरूकता से जुड़े विषयों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
अधिकारियों ने गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से किया संवाद
26 अक्टूबर को लांजी एसडीएम श्री आदित्य नारायण तिवारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने कट्टीपार, सतोना, बरगुड़ और देवरबेली गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से चर्चा की। वहीं बैहर एसडीएम श्री अनिकेत शांडिल्य के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने दड़ेकसा, बिलालकसा, सोनगुड्डा, लूद, हिर्री, भर्री, सोनपुरी और बिठरी गांवों का दौरा किया।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री श्री मनोज धुर्वे ने किरनापुर क्षेत्र के सीतापार और बोरवन गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से चर्चा की। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर ने उकवा-बिठली क्षेत्र के छात्रावासों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इसी प्रकार उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. घनश्याम परते, उप संचालक मत्स्योद्योग श्रीमती पूजा रोडगे और सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक श्री जी.पी. बर्मन भी अपनी टीमों के साथ संबंधित गांवों में पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की आवश्यकताओं और क्षेत्र में विकास की संभावनाओं की जानकारी जुटाई।
कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित 14 दिनों की अवधि में आवंटित गांवों का भ्रमण पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। इस रिपोर्ट के आधार पर गांवों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि नक्सल प्रभावित रहे इन गांवों में विकास कार्यों को गति देकर ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और युवाओं को शिक्षा, रोजगार तथा आजीविका के नए अवसरों से जोड़कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जाए।
