नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (वार्ता) सरकारी ई-बाजार मंच (जेम) ने हस्तशिल्पियों के उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए अपने मंच पर ‘द आभार कलेक्शन’ नाम से चलाए जा रहे डिजिटल स्टोर का विस्तार किया है। इस जेम सरकारी खरीदारों के लिए डिजिटल खरीद मंच है। त्योहारी उपहारों के इस सीजन के शुरू होने से पहले वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले जेम पोर्टल ने बताया है कि इस कलेक्शन में 10 राज्य और केंद्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प एम्पोरियम के 294 उत्पाद कैटलॉग शामिल हैं। इनमें सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज एम्पोरियम का ‘कॉटेज’, खादी और ग्रामोद्योग आयोग का ‘खादी इंडिया’, ‘गर्वी गुर्जरी’ (गुजरात), ‘हिमक्राफ्ट्स’ (हिमाचल प्रदेश), ‘झारक्राफ्ट’ (झारखंड), ‘कावेरी’ (कर्नाटक), ‘मृगनयनी’ (मध्य प्रदेश), ‘मरहाटी’ (महाराष्ट्र), ‘पूर्बश्री’ (पूर्वोत्तर) और ‘पूमपुहार’ (तमिलनाडु) शामिल हैं।
मंत्रालय की सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सात अन्य सरकारी एम्पोरियम और संगठन भी ‘ द आभार कलेक्शन’ स्टोर विक्रेता के रूप में जुड़ने जा रहे हैं। इनमें कॉफी बोर्ड, ‘मंजूषा’ और ‘बिस्वा बांग्ला’ (पश्चिम बंगाल), जम्मू-कश्मीर हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, ‘मेराकाई’ (नागालैंड), ‘उत्कलिका’ (ओडिशा) और ‘पंथोइबी’ (मणिपुर) शामिल हैं। जेम का कहना है कि इनके उत्पाद कैटलॉग जुड़ने से इस कलेक्शन में क्षेत्रीय विविधता और उत्पादों की रेंज और भी बढ़ेगी। सरकारी विभाग और उपक्रम ‘द आभार कलेक्शन’ स्टोर से देश के विभिन्न क्षेत्रों के कुशल दस्तकारों द्वारा निर्मित चुनिंदा उपहार और उपहारों के सेट खरीद सकते हैं। ये उत्पाद देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। इस कलेक्शन में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) पहल और ‘ज्योग्राफिकल इंडिकेशन’ (जीआई) टैग से जुड़े उत्पाद शामिल हैं।
जेम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिहिर कुमार ने कहा कि द आभार कलेक्शन स्वदेशी कला और शिल्प की पहचान बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकारी खरीदारों को अलग-अलग क्षेत्रों के खास उत्पादों तक आसान पहुंच मिलती है, साथ ही कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को भी समर्थन मिलता है। ‘द आभार कलेक्शन’ पहल की शुरुआत पर जीईएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि आभार कलेक्शन स्वदेशी कला और शिल्प की पहचान बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस कलेक्शन में हस्तशिल्प, हथकरघा, कारीगरों द्वारा तैयार खाद्य पदार्थ, रसोई के सामान और पर्सनल केयर की चीजें शामिल हैं। यह सरकारी खरीदारों को आधिकारिक समारोहों, सम्मेलनों, राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों, कर्मचारियों के सम्मान समारोहों, सेवानिवृत्ति कार्यक्रमों और त्योहारों के मौकों के लिए उपहार चुनने के विकल्प देता है।
जुलाई 2024 में ‘द आभार कलेक्शन’ को लॉन्च करने और मौजूदा अभियान के पीछे के तर्क को समझाते हुए, जेम के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सामाजिक समावेशन के प्रभारी, अजीत बी. चव्हाण ने कहा कि इसका उद्देश्य देश के कारीगरों के इकोसिस्टम को जेम पर मौजूद वोकल फार लोकल स्टोरफ्रंट के ज़रिए देश की सार्वजनिक खरीद व्यवस्था से जोड़कर, उन्हें एक प्रभावी बाज़ार उपलब्ध कराना था।

