
जबलपुर। आधी से ज्यादा शटर खुली हुई, बेखौफ होकर रात 2 बजे तक शराब को बेचने का क्रम, ग्राहकों का जमघट और फिर दुकान के बाहर ही छलकते जाम…. ये नजारा रामपुर चौक से कुछ दूरी पर अंदर की तरफ स्थित शराब दुकान का था। नवभारत के कैमरे में रात 2 बजे जब ये तस्वीर कैद हुई तो शराब ठेकेदार की सेटिंग को उजागर कर दिया और फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हुआ कि गजब की सेटिंग थी ठेकेदार की न तो पुलिस आई और न ही आबकारी का कोई अधिकारी.. मानो जैसे सब कुछ पहले ही बोल दिया गया हो कि आज रात तक यहां कोई भी न आए।
जानकारी के अनुसार उक्त शराब दुकान का लाइसेंस मौसमी शिवहरे के नाम पर रजिस्टर्ड है और रात 2 बजे तक दुकान के कई कर्मचारियों द्वारा बिना किसी पुलिस या प्रशासन की कार्रवाई के भय के शराब को बेचने का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा जबकि मध्य प्रदेश आबकारी नियमों की माने तो जबलपुर में शराब की दुकानें सुबह 9:00 बजे से रात 11:30 बजे तक खुली रखने का आधिकारिक समय निर्धारित किया गया है। इस शराब दुकान के रात 2 बजे तक खुले रहने के गंभीर मुद्दे ने कई सवालों को जन्म भी दिया जिनके जवाब सिर्फ जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ही कार्रवाई स्वरूप दे सकेगा। सवाल ये भी खड़े हुए कि शराब दुकान पर किसका हाथ था जो इतनी रात तक यहां अवैध रूप से शराब की बिक्री की जाती रही।
नवागत साहब से जागी कार्रवाई की उम्मीद..
लिहाजा हाल ही जबलपुर जिले की कमान संभाल चुके नवागत कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा ने मामले में जांच के बाद एक्शन लेने की बात कही है। इसके अलावा बीती देर रात रानीताल ईदगाह के पास स्थित शराब दुकान में भी अवैध रूप से खिड़की से शराब की बिक्री धड़ल्ले से की गई।
आज तक देर रात क्यों नहीं हुई कार्रवाई ?
विदित हो कि रसल चौक, मदनमहल, त्रिपुरी चौक, रानीताल ईदगाह के पास स्थित शराब दुकानों में रात 12 के बाद साइड की खिड़की से देर रात शराब की अवैध बिक्री की शिकायतें सामने आ चुकीं हैं। कुछ दिनों पहले तो रसल चौक में देर रात शराब की बिक्री को लेकर कर्मचारियों और कुछ युवकों का विवाद तक हुआ था और इसका सोशल मीडिया में वीडियो भी वायरल हुआ था। रात के वक्त शराब दुकान के कर्मचारियों द्वारा अधिक रेट पर ग्राहकों को शराब मुहैया कराकर अवैध कमाई करते हैंं। इन सब के पीछे प्रशासन की कार्रवाई की दरकार सभी को रहती है लेकिन देर रात तक प्रशासन द्वारा आज तक किसी प्रकार की कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। जिस कारण शराब दुकानों के ठेकेदारों के हौंसले बुलंद हो चुके हैं और वे प्रशासन को खुलेआम चुनौती भी देते नजर आते हैं।
इनका कहना है–
–आपके द्वारा गंभीर मामला संज्ञान में लाया गया है, इसमें टीम को सूचित कर जांच कराई जाएगी और अगर शराब दुकान रात 2 बजे तक खुली रही तो निश्चित संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
–अरूण कुमार विश्वकर्मा, कलेक्टर, जबलपुर।
