उल्लेखनीय है कि महज पांच दिन पहले ही एसबीआई ने उसके कुछ ग्राहकों के निजी डेटा डार्क वेब पर लीक होने की पुष्टि की थी। उसने 21 अक्टूबर को शेयर बाजार को बताया था कि उसके करीब पौने चार लाख ग्राहकों के डाटा डार्क वेब पर उपलब्ध थे जिनमें 3,800 से अधिक खातों के निजी डेटा लीक होने की जांच में पुष्टि हो चुकी है। ‘साइरिस’ उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने किया। इस अवसर पर एसबीआई के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी भी मौजूद थे। श्री लोहिया ने कहा, “जैसे-जैसे देश का वित्तीय पारितंत्र डिजिटल होता जा रहा है, नवाचार के साथ-साथ साइबर साइबर सुरक्षा को मजबूत करना भी जरूरी है। साइरिस पूरे पारितंत्र में क्षमताओं, सहयोग और तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक समयोचित पहल है।”
बैंक की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस केंद्र के जरिए साइबर नीति को मजबूत करने, प्रतिभा और जागरूकता विकसित करने, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने, तथा साइबर सुरक्षा और थ्रेट इंटेलिजेंस को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

