मुंबई, 26 अक्टूबर (वार्ता) राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के सोशल स्टॉक एक्सचेंज (एसएसई) पर पहली बार शून्य कूपन शून्य मूलधन (जेडसीजेडपी) को जारी कर राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से चार करोड़ रुपये जुटाए हैं। कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर एनएसडीसी की शुरुआत के अवसर पर घंटी बजाई। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने कौशल विकास और वैश्विक रोजगार के अवसरों पर केंद्रित एक नयी पहल के लिए चार करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इस कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 600 युवाओं को सहायता दी जाएगी और उन्हें विदेश में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा।
श्री चौधरी ने कहा, “भारत की प्रगति के साथ उसके लोगों में निवेश भी होना चाहिए।
सरकार अनुकूल माहौल तैयार कर सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर विकास के लिए सार्वजनिक संस्थानों, निजी निवेशकों और दानदाताओं को मिलकर काम करना होगा। सोशल स्टॉक एक्सचेंज इस सामूहिक प्रतिबद्धता को विश्वसनीय परियोजनाओं, पारदर्शिता और सत्यापित परिणामों से जोड़ता है।”
लगभग 11.25 करोड़ रुपये के बजट वाले इस कार्यक्रम में वित्तपोषण के तीन पूरक स्रोतों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम की कुल लागत का 15 प्रतिशत हिस्सा लाभार्थियों के योगदान से आएगा, जबकि 35 प्रतिशत राशि सोशल स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से जुटाई जाएगी। शेष 50 प्रतिशत राशि मध्य प्रदेश सरकार उन उम्मीदवारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार मिलने के बाद उपलब्ध कराएगी।
जेडसीजेडपी व्यवस्था के तहत पात्र सामाजिक उद्देश्य वाले संगठन पारंपरिक ब्याज या मूलधन चुकाने की बाध्यता के बिना संसाधन जुटा सकते हैं। इस व्यवस्था में धन के पारदर्शी उपयोग और सामाजिक परिणामों की रिपोर्टिंग पर जोर दिया जाता है।

