सर्बिया : संसदीय चुनाव में ‘स्टूडेंट लिस्ट’ की ऐतिहासिक जीत, वुसिक ने स्वीकार की हार

बेलग्रेड, 26 अक्टूबर (वार्ता) सर्बिया के संसदीय चुनाव में छात्र संगठनों के गठबंधन ‘स्टूडेंट लिस्ट’ ने बहुमत हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। लंबे समय से सत्ता में रहे और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार अलेक्जेंडर वुसिक ने अपनी हार स्वीकार कर ली हैेसर्बिया में महीनों चले छात्र आंदोलनों की कोख से यह पार्टी निकली है। इसलिए यह जीत बेहद खास है। चुनाव लड़ने और प्रधानमंत्री पद की दौड़ में उतरने के लिए श्री वुसिक ने 27 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। सर्बिया के राष्ट्रपति वुसिक ने देश को संबोधित करते हुए अपनी हार स्वीकार ली है। शुरुआती रुझानों और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ‘स्टूडेंट लिस्ट’ को भारी जनसमर्थन प्राप्त हुआ है। 250 सदस्यीय सर्बियाई संसद में 52 प्रतिशत (लगभग 22 लाख) वोट हासिल कर ‘स्टूडेंट लिस्ट’ को 135 से 140 सीटें मिलने का अनुमान हैं। वहीं, निवर्तमान सत्ताधारी दक्षिणपंथी दल सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) 32.3 प्रतिशत (लगभग 17.2 लाख) वोटों के साथ 105 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है।

इन दोनों प्रमुख धड़ों के अलावा वोइवोदिना हंगेरियन अलायंस (एसवीएम) को तीन, अल्बानियाई समुदाय को एक और एसडीए (एसडीए) को एक सीट मिली है, जबकि अन्य कोई भी दल तीन प्रतिशत का अनिवार्य चुनावी मानदंड पार नहीं कर सका। ‘स्टूडेंट लिस्ट’ की यह जीत बेहद खास है क्योंकि यह कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं है। इसकी शुरुआत सरकारी तंत्र, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों, मीडिया पर सरकारी नियंत्रण और प्रशासनिक जवाबदेही की कमी के खिलाफ उपजे छात्र आंदोलनों से हुई थी। विश्वविद्यालय परिसरों से शुरू हुए इस आंदोलन ने न सिर्फ छात्रों, बल्कि शहरी मध्यम वर्ग, विपक्ष समर्थक मतदाताओं और आम नागरिकों को भी अपने साथ जोड़कर सड़क की ऊर्जा को चुनावी वैधता में तब्दील कर दिया।

यह परिणाम पिछले 10 से भी अधिक वर्षों से सर्बिया की सत्ता पर काबिज राष्ट्रपति वुसिक और उनकी पार्टी के एकछत्र वर्चस्व का अंत माना जा रहा है। मजबूत चुनावी मशीनरी, रसूख और व्यक्तिगत छवि के दम पर अब तक राज करने वाला वुसिच मॉडल इस चुनाव में पूरी तरह विफल साबित हुआ। चुनाव परिणामों के बाद देश के नाम अपने संक्षिप्त संबोधन में राष्ट्रपति वुसिक ने कहा कि प्राप्त सीटों के आधार पर यह पूरी तरह साफ है कि वे चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि ‘स्टूडेंट लिस्ट’ ने बहुमत हासिल किया है और वे 135 से 140 सीटों पर जीत दर्ज कर रहे हैं, जबकि उनकी पार्टी को करीब 105 सीटें ही मिल रही हैं। गौरतलब है कि पिछले दो सालों से सर्बिया में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन चल रहे थे। यह आंदोलन मुख्य रूप से नोवी सैडरेलवे स्टेशन पर हुए हादसे और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ था।

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