नई दिल्ली, देश में रसोई गैस सप्लाई ठप होने की अटकलों के बीच प्रमुख एलपीजी वितरक संगठनों ने बड़ा फैसला लेते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया है। फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (FLDI) और ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AILDF) ने 26 अक्टूबर को दिल्ली में एक गुट द्वारा बुलाए गए धरने और प्रदर्शन से खुद को पूरी तरह दूर रखा है। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे विरोध प्रदर्शन के बजाय पेट्रोलियम मंत्रालय और सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के साथ सार्थक बातचीत के माध्यम से वितरकों की मांगों का हल निकालने में विश्वास रखते हैं।
पिछले 5 सालों से नहीं बढ़ा है वितरकों का कमीशन, तेल कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय के पास भेजा गया संशोधन का प्रस्ताव
वितरक संघों का कहना है कि बीते पांच वर्षों से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर मिलने वाले कमीशन में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि इस दौरान परिचालन लागत और अन्य खर्च काफी बढ़ गए हैं। इसके अतिरिक्त वितरकों पर गैर-ईंधन उत्पादों की जबरन बिक्री और रिफिल इंडेंट में बदलाव का दबाव भी बनाया जा रहा था। इस संबंध में मुंबई में इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई है, और ओएमसी प्रबंधन ने कमीशन बढ़ाने से जुड़ा प्रस्ताव पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को विचार के लिए भेज दिया है।
उपभोक्ताओं को बिना बाधा गैस आपूर्ति का दिया भरोसा, डिजिटल सुधार और वर्किंग कैपिटल की चुनौतियों पर जल्द राहत की उम्मीद
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशनों ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि किसी भी चुनौती या संकट के समय की तरह इस बार भी देश के हर घर तक एलपीजी सिलेंडरों की होम डिलीवरी निर्बाध रूप से जारी रहेगी। यद्यपि नए कनेक्शनों पर पाबंदी और व्यावसायिक स्टॉक के कारण वितरकों की कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) पर दबाव बना हुआ है, लेकिन ओएमसी अधिकारियों ने लिखित एसओपी जारी करने और नैतिक व्यावसायिक प्रथाओं को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया है। वितरकों को उम्मीद है कि मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही कमीशन में अंतरिम बढ़ोतरी लागू कर दी जाएगी, जिससे नेटवर्क को वित्तीय राहत मिलेगी।

