सीहोर: शहर में रविवार को आरएसएस का पथ संचलन राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक एकता के संदेश के साथ निकाला गया.गणवेशधारी स्वयंसेवकों की अनुशासित कदमताल, एकरूपता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण ने मार्ग में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया. पथ संचलन के दौरान वातावरण राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत नजर आया.
रविवार सुबह बड़ा बाजार से पथ संचलन प्रारंभ हुआ. यहां से स्वयंसेवक अनुशासित पंक्तियों में शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे. संचलन के दौरान स्वयंसेवकों की कदमताल और अनुशासन देखने के लिए लोग मार्गों पर मौजूद रहे. प्रमुख मार्गों से होते हुए पथ संचलन पुन: बड़ा बाजार पहुंचा, जहां यह सभा में परिवर्तित हो गया. सभा में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा व अन्य वक्ताओं ने उपस्थित सैकड़ों स्वयंसेवकों को संबोधित किया.
इस दौरान संगठन के सदस्यों ने पथ संचलन को अनुशासन, संगठन शक्ति और सेवा भावना का संदेश देने वाला आयोजन बताया. संगठन के सदस्यों ने कहा कि पथ संचलन केवल कदमताल का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज में सामूहिकता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को मजबूत करने का माध्यम भी है. ऐसे आयोजनों से लोगों में सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा के प्रति जागरूकता बढ़ती है.
मारुति नंदन नवयुवक संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि देश की प्रगति और समाज की मजबूती के लिए युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा भावना का जागृत रहना आवश्यक है. युवाओं की ऊर्जा जब सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान मिलता है. पथ संचलन जैसे आयोजन अनुशासन, एकजुटता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देते हैं. समाज के प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रहित और जनसेवा की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए.
