सर्बिया में राष्ट्रपति वुचिच और छात्र आंदोलन के बीच सियासी मुकाबले के केंद्र में संसदीय चुनाव

बेलग्रेड, 25 अक्टूबर (वार्ता) सर्बिया में रविवार को मध्यावधि संसदीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। यह चुनाव एक दशक से अधिक समय में देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ों में से एक साबित हो सकता है।

मतदाता नेशनल असेंबली के 250 सदस्यों का चुनाव करेंगे। चुनाव में 64.5 लाख से अधिक लोग मतदान के पात्र हैं। कुल 2,418 उम्मीदवारों वाली 18 चुनावी सूचियां मैदान में हैं। राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच ने सर्बियाई सरकार के प्रस्ताव के बाद नौ सितंबर को संसद भंग कर दी थी, जिसके बाद चुनाव कराए जा रहे हैं।

समय से पहले चुनाव कराने के राजनीतिक कारण संवैधानिक प्रक्रिया से कहीं अधिक गहरे हैं। सर्बिया लगभग दो वर्षों से तीव्र राजनीतिक और सामाजिक ध्रुवीकरण के दौर से गुजर रहा है। इसकी शुरुआत एक नवंबर 2024 को नोवी साद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे के बाद हुई थी।

स्टेशन पर कंक्रीट से बना छज्जा ढहने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद शुरू हुए छात्र प्रदर्शनों में शुरुआत में हादसे की जवाबदेही तय करने और स्टेशन के पुनर्निर्माण से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की गई। धीरे-धीरे यह आंदोलन भ्रष्टाचार, राजनीतिक जवाबदेही और सरकारी संस्थानों के कामकाज के तरीके के खिलाफ व्यापक अभियान में बदल गया।

वर्ष 2025 के दौरान छात्रों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए। उन्होंने विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों और सड़कों पर धरने तथा नाकेबंदी की और पूरे सर्बिया में रैलियां निकालीं। धीरे-धीरे यह आंदोलन छात्र हितों से आगे बढ़कर राष्ट्रपति वुचिच की सरकार के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती बन गया। वुचिच के 14 वर्षों के शासन में इससे पहले उनकी सत्ता को इतनी गंभीर चुनौती नहीं मिली थी।

मई 2025 में छात्रों ने मध्यावधि संसदीय चुनाव कराने की मांग की थी। वर्ष 2026 में उन्होंने अपनी चुनावी सूची के साथ चुनाव में उतरने का फैसला किया।

इससे चुनाव का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। जो चुनाव एक अन्य संसदीय मुकाबला माना जा रहा था, वह अब कई मायनों में श्री वुचिच के राजनीतिक वर्चस्व और सर्बिया में एक दशक से अधिक समय से कायम राजनीतिक व्यवस्था पर जनमत संग्रह बन गया है।

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