अरुणाचल सीमा पर भारत-चीन तनाव को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर हुआ विपक्ष, ए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुलाई संसद का विशेष सत्र

नई दिल्ली,  भारत-चीन सीमा पर बढ़ती अस्थिरता और अरुणाचल प्रदेश से सामने आ रही घुसपैठ की खबरों के बीच देश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक के उस बयान पर कड़ी चिंता जताई है जिसमें उन्होंने चीनी सैनिकों के साथ लगातार फेस-ऑफ और झड़पों की पुष्टि की है। ओवैसी ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर देश को अंधेरे में रख रही है और इस गंभीर मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

चीनी घुसपैठ और गश्ती दलों रोके जाने के मामलों पर जवाब तलब, सरकार की पारदर्शिता और कूटनीतिक रुख पर उठाए तीखे सवाल

असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से सवाल किया है कि अरुणाचल प्रदेश में ऐसे कितने स्थान हैं जहां चीनी सैनिकों ने कथित तौर पर भारतीय गश्ती दलों और स्थानीय नागरिकों के रास्तों को रोका है। उन्होंने जून 2020 के बयानों का हवाला देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा कि देश की क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। ओवैसी ने मांग की है कि चीन के साथ सीमा पर वास्तविक स्थिति क्या है, इस पर एक स्वतंत्र और व्यापक रिपोर्ट देश के सामने रखी जानी चाहिए ताकि नागरिकों को जमीनी हकीकत का पता चल सके।

सीमा विवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की पुरजोर मांग, विदेश मंत्रालय के बयानों के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख ने केंद्र सरकार से तत्काल संसद का एक विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया है, ताकि चीन सीमा से जुड़े हालात पर खुली और विस्तृत चर्चा हो सके। हालांकि, इससे पहले विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया था कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कई बार गश्ती पैटर्न में अंतर के कारण स्थिति बिगड़ती है, जिसे सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत जारी है। इसके बावजूद विपक्ष के आक्रामक तेवर को देखते हुए संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर सियासत गर्माने के पूरे आसार हैं।

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