भोपाल। मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत रहे आकस्मिक कार्यभारित सेवा के कर्मचारियों के मृतक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 22 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश शासन की कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पात्र परिवारों को 1 जनवरी 2008 से अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने के आदेश जारी किए जाएं।
संघ के प्रांत अध्यक्ष महेंद्र शर्मा के अनुसार, प्रदेश में वर्ष 2016 से ऐसे कुछ परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिल रहा है, लेकिन वर्ष 2008 से इसका लाभ देने की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी घोषणा की थी।
ढाई हजार परिवार अनुकंपा नियुक्ति से वंचित
महेंद्र शर्मा ने दावा किया कि प्रदेश में करीब दो से ढाई हजार मृतक कर्मचारियों के आश्रित अब तक अनुकंपा नियुक्ति के लाभ से वंचित हैं। इन परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ का कहना है कि पंचायत सचिवों के मामले में वर्ष 2008 से अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान किया गया, लेकिन आकस्मिक कार्यभारित सेवा के कर्मचारियों के परिवारों को उसी तारीख से लाभ नहीं मिल पाया।
मुख्यमंत्री से आदेश जारी करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न विभागों में अनुकंपा नियुक्ति संबंधी जारी आदेशों का हवाला देते हुए आकस्मिक कार्यभारित और आकस्मिक सेवा से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के मृतक आश्रितों को भी इसका लाभ देने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उज्जैन, मंदसौर, टीकमगढ़ और भोपाल के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य तथा पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संघ ने शासन से मांग की है कि पात्र परिवारों को 1 जनवरी 2008 से अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान किया जाए, ताकि लंबे समय से लाभ की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को राहत मिल सके।

