जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जनजातीय विभाग के छात्रावास अधीक्षकों के तबादले पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने दायर याचिकाओं की सुनवाई के बाद याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर 30 दिनों में निर्णय लेने के संबंध में संबंधित प्राधिकरण को निर्देशित किया है। एकलपीठ ने अभ्यावेदनों के निराकरण तक वर्तमान पदस्थापना, सेवा और छात्रावास अधीक्षक के प्रभार के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किये।
श्रीमती मीरा मार्को सहित अन्य की तरफ से दायर की गयी याचिकाओं में जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को जारी अध्यादेश परिपत्र को चुनौती दी थी। इस परिपत्र के तहत वर्तमान पदस्थापना स्थल पर सात वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर चुके छात्रावास अधीक्षकों का स्थानांतरण करने के निर्देश दिए गए थे। पारित आदेश के तहत भविष्य में ऐसे कर्मचारियों को छात्रावास अधीक्षक का प्रभार नहीं सौंपने का भी प्रावधान था।
याचिकाकर्ताओं की तरफ से तर्क दिया गया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के बीच स्थानांतरण होने से उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत कर अप्रैल 2027 में शैक्षणिक सत्र समाप्त होने तक वर्तमान पदस्थापना पर बने रहने की अनुमति मांगी थी। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि वे विभागीय नीति के अनुसार स्थानांतरण विकल्प प्रस्तुत करने को तैयार हैं, लेकिन स्थानांतरण की कार्रवाई शैक्षणिक सत्र समाप्त होने के बाद की जाए। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लंबित हैं और उनका निराकरण विभागीय स्थानांतरण नीति के अनुसार किया जाएगा।
