वॉशिंगटन, अमेरिका के इलिनोइस स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर में हाल ही में हुई गोलीबारी की कोशिश के मामले ने तूल पकड़ लिया है। करीब 105 अमेरिकी सांसदों ने फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) से इस सनसनीखेज घटना की जांच संभावित संघीय हेट क्राइम (नफरती अपराध) के रूप में करने की जोरदार अपील की है। इस द्विदलीय कांग्रेस अभियान का नेतृत्व भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने किया, जो खुद घटना के वक्त अपने परिवार के साथ मंदिर में मौजूद थे। सांसदों ने एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल को पत्र लिखकर यह पता लगाने की मांग की है कि क्या संदिग्ध के मन में नस्ल और धर्म को लेकर कोई गहरी नफरत थी।
19 वर्षीय संदिग्ध एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस की राइफल खराब होने से टला बड़ा हादसा, नियो-नाजी विचारधारा और 8 पेज का घोषणापत्र आया सामने
अभियोजकों के अनुसार, इलिनोइस के पैलेटाइन निवासी 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस ने मंदिर में बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने की नीयत से हमला किया था, लेकिन मौके पर उसकी राइफल जाम (खराब) होने के कारण वह भाग निकला। पुलिस ने उसे उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था और उसके पास से एक राइफल, सैकड़ों राउंड गोलियां तथा बॉडी आर्मर बरामद हुए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने खुद को नियो-नाजी बताते हुए दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का जिक्र करने वाला एक आठ पेज का वर्चस्ववादी घोषणापत्र तैयार किया था, जिस पर सांसदों ने गहरी चिंता जताई है।
दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ बढ़ती ऑनलाइन नफरत पर भी जताई चिंता, 29 अक्टूबर तक मांगा विस्तृत जवाब
सांसदों ने अपने पत्र में सोशल मीडिया पर दक्षिण एशियाई और भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ बढ़ते हेट स्पीच और पोस्ट्स का हवाला देते हुए सरकारी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने एफबीआई से पूछा है कि क्या जांचकर्ता इस साजिश के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या ऑनलाइन नेटवर्क की संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं। सांसदों ने एफबीआई से आगामी 29 अक्टूबर तक इस मामले पर लिखित रिपोर्ट मांगी है और जोर दिया है कि किसी भी नागरिक को अपनी आस्था या नस्ल के कारण पूजा स्थलों पर हिंसा का शिकार होने का डर नहीं होना चाहिए।

