नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर (वार्ता) अभियांत्रिकी निर्यात संवर्द्धन परिषद (ईईपीसी इंडिया ने मंगलवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू होने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए नए अवसर खुले हैं।
ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने जारी बयान में कहा, “भारतीय इंजीनियरिंग के लिए न्यूजीलैंड एक अपेक्षाकृत छोटा बाजार है, लेकिन इसमें काफी संभावनाएं हैं।” उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले पांच साल में न्यूजीलैंड को होने वाला इंजीनियरिंग निर्यात दोगुना हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड को होने वाला भारत का इंजीनियरिंग निर्यात 2024-25 में 12.98 करोड़ डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 14.05 करोड़ डॉलर हो गया है, जो लगातार विकास की गति को दर्शाता है। न्यूजीलैंड को निर्यात की जाने वाली प्रमुख इंजीनियरिंग वस्तुओं में ऑटोमोबाइल, डेयरी क्षेत्र के लिए औद्योगिक मशीनरी, चिकित्सा और वैज्ञानिक उपकरण, कार्यालय के उपकरण, तथा लोहा और इस्पात उत्पाद शामिल हैं।
श्री चड्ढा ने कहा कि यह एफटीए अभियांत्रिकी सामान निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों को अपने उत्पादों की श्रेणी में विविधता लाने का अवसर देता है। जैसे-जैसे न्यूजीलैंड को होने वाला अभियांत्रिकी निर्यात बढ़ेगा। इससे 2030 तक इस क्षेत्र के 250 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस एफटीए के लागू होने के बाद अगले पांच वर्षों में न्यूजीलैंड को होने वाला इंजीनियरिंग निर्यात दोगुना होकर 28-30 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा।

