
बागली। बागली में नर्मदा जलप्रदाय व्यवस्था अधूरे मन से शुरू हो चुकी है। पूरे नगर में जलप्रदाय के लिए 10 लाख लीटर पानी की डिमांड अनुबंध के तहत रखी गई थी। लेकिन वर्तमान में महज 3 लाख (नर्मदा पेयजल)लीटर पानी बागली नगर में जलप्रदाय रूप में मिल रहा है। बाकी की 7 लाख लीटर की पूर्ति बागली कुप तालाब और 15 से अधिक अधिक नगर परिषद द्वारा उत्खनन किए गए ट्यूबवेलों से हो रही है। नर्मदा का जलप्रदाय आने वाले दिनों में भी इतना ही कम मिलता रहा तो बागली नगर में जलापूर्ति करना मुश्किल भरा हो जाएगा।
उक्त बातें नवभारत संवाददाता सुनील योगी को नगर परिषद बागली सीएमओ विष्णु देवड़ा ने बताते हुए कहा कि उनका प्रयास है, कि बागली अनुविभागीय अधिकारी से आज्ञा लेकर अन्य जलप्रदाय दान दाताओं से संपर्क बनाकर उनके जल स्रोतों से जनहित में अधिग्रहण करते हुए बागली नगर की जल आपूर्ति करने में सहयोग करेंगे इसके लिए उनके ट्यूबवेल का विद्युत खर्च तथा रख रखाव नगर परिषद स्वयं करेगी इसी संबंध में बागली नगर परिषद अध्यक्ष कमल यादव ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है ।नर्मदा जलप्रदाय अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है विश्वास है, कि वह अपनी क्षमता बढ़ाएंगे और बागली की जल आपूर्ति पूरी करेंगे फिर भी लोगों से निवेदन है।
कि वह अभी से पानी को बचाने की मुहिम शुरू करें सूत्रों की माने तो बागली में अभी भी 70% जल आपूर्ति स्थानीय निजी स्रोतों से हो रही है। सिर्फ 30% लोग ही नर्मदा के जल का उपयोग कर पा रहे हैं। इस संबंध में विगत दिनों नगर पंचायत सीएमओ विष्णु देवड़ा नगर परिषद के निजी स्रोतों के साथ-साथ बागली के नजदीक लघु सिंचाई परियोजना कुप तालाब की स्थिति भी देखने गए और जल संसाधन विभाग देवास के अधिकारियों को पत्र लिखकर मांग की है, कि वह बागली पेयजल का हिस्सा सुरक्षित कर के रखें। जानकारी में आया है कि इस बार नहर से भी कम पानी सिंचाई के लिए छोड़ा जाएगा।
