गुना: रेलवे सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले अपराधियों पर जीआरपी गुना ने शिकंजा कसा है। ट्रेन में यात्रियों का सामान पार करने वाले शातिर गिरोह के चोरी किए गए जेवरात खरीदने वाले एक मुख्य आरोपी को जीआरपी ने उत्तर प्रदेश के हाथरस से धर दबोच लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 12 लाख रुपए से ज्यादा के चमचमाते सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
बीती 13 जून को फरियादी आबिद खान अपने परिवार के साथ बीना-ग्वालियर पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी संख्या 51883) से सफर कर रहे थे। सफर के दौरान अज्ञात बदमाशों ने बड़ी चालाकी से ट्रॉली बैग से करीब 16 लाख रुपये के कीमती जेवरात चोरी कर लिए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जीआरपी गुना ने चोरी का केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पहले ही अंतरराज्यीय गिरोह के 7 शातिर सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था। पूछताछ की कड़ियां जुड़ती गईं और पता चला कि गिरोह ने चोरी का सारा माल हाथरस के एक ज्वेलर्स को बेच दिया है। इसके बाद पिछले चार महीनों से फरार चल रहे आरोपी की तलाश में जीआरपी की टीम ने हाथरस में दबिश दी।
पुलिस ने आरोपी धर्मेन्द्र सोनी उर्फ मोनू पिता स्व. सत्यप्रकाश वर्मा, उम्र 42 वर्ष, निवासी नवलनगर, थाना हाथरस गेट, हाथरस, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट से रिमांड लेकर की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से सोने के हार, कंगन, अंगूठी, नथ और चांदी की पायल समेत लगभग 12 लाख 7 हजार रुपये का मशरूका बरामद कर लिया है। खास बात यह है कि इस शातिर का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। इस पूरी कार्रवाई के बाद अब तक कुल 17 लाख 28 हजार रुपए का मशरूका जब्त किया जा चुका है।
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करने और आरोपी को दबोचने में जीआरपी गुना के थाना प्रभारी श्रीपाल सिंह, प्रधान आरक्षक राजकुमार, प्रधान आरक्षक प्रदीप रघुवंशी, आरक्षक प्रदीप सिंह, आरक्षक सतेन्द्र त्यागी तथा आरक्षक प्रबल प्रताप सिंह की सराहनीय भूमिका रही।
