नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (वार्ता) अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर यहां इंडिया गेट पर धरने पर बैठे उनके माता-पिता को पुलिस ने गुरुवार तड़के चार बजे हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया।
उनके साथ धरने पर बैठे कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था लेकिन उन्हें भी बाद में छोड़ दिया गया।
अंकिता के माता-पिता बुधवार को उत्तराखंड के अपने गांव से दिल्ली आए थे और बेटी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। वे अपनी बेटी की हत्या के लिए जिम्मेदार माने जा रहे ‘वीआईपी’ को राज्यपाल बनाये जाने के विरोध में धरने पर बैठे। देर रात कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य उनसे मिलने धरना स्थल पर पहुंचे थे। पुलिस ने आज सुबह करीब चार बजे अंकिता के माता-पिता और कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को यहां इंडिया गेट से हिरासत में लिये जाने की आलोचना करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
श्री खरगे ने कहा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह चार बजे पुलिस भेजकर अंकिता के माता-पिता को गिरफ्तार करवा दिया। ‘वीआईपी’ दुष्यंत गौतम को बचाने के लिए प्रधानमंत्री ने हद पार कर दी है। न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि भाजपा के ‘वीआईपी’ को राज्यपाल बनाया जा रहा है।”
उन्होंने इसे सत्ता के दमन और सवालों से भागने का प्रमाण बताते हुए कहा है कि एक बेटी को खो चुके माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार शर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेगी।
श्री गांधी ने कहा कि चार साल से अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला लेकिन एक ‘वीआईपी’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम जरूर मिला। उन्होंने भाजपा पर महिला-विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लेकर घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठने को मज़बूर हुई है लेकिन वहां से उन्हें सुबह चार बजे हटा दिया गया है।
इस बीच पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज एक्स पर लिखा कि अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे थे लेकिन उन्हें रात के अंधेरे में हिरासत में ले लिया गया। पार्टी ने इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह की पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और श्री मोदी तथा श्री शाह से सवाल किया कि क्या अपनी बेटी की हत्या के मामले में न्याय मांगना अपराध है और बुजुर्ग माता-पिता को आधी रात में हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ी।
पार्टी ने यह भी सवाल किया कि दुष्यंत गौतम भाजपा के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि उन्हें बचाने के लिए दुखी माता-पिता को अपमानित किया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि अंकिता को न्याय मिलना चाहिए, उनके माता-पिता को जवाब मिलना चाहिए और देश की सरकार को बेटियों के साथ खड़ा होना चाहिए, न कि उनके खिलाफ।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश में हत्या कर दी गई थी । वह वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। इस मामले में रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता और प्रबंधक सौरभ भास्कर को पुलिस ने हिरासत में लिया था।इन आरोपियों ने अपना अपराध कबूल किया था और मई 2025 में अदालत द्वारा उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद वे उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं।

