जबलपुर: गोलबाजार की सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने अंतिम सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की पीठ ने दोपहर 2:30 बजे सुनवाई तय करते हुए स्पष्ट किया है कि अब इस मामले में आगे कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा। इससे लंबे समय से चल रहे इस मामले में निर्णायक सुनवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
लीज जारी नहीं होने का दावा
हस्तक्षेपकर्ता अमित जैन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि गोल बाजार की संबंधित जमीन पर पार्षद अयोध्या तिवारी सहित अन्य लोगों का अतिक्रमण है। उनके पक्ष में नगर निगम की ओर से कभी लीज जारी नहीं की गई। यह भी बताया गया कि संबंधित कब्जे हटाने के लिए नोटिस दिया जा चुका है। मामले में जमीन के स्वामित्व, कब्जे की वैधता और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से जुड़े पहलुओं पर अंतिम सुनवाई के दौरान विचार किया जाएगा।
पहले भी दिए जा चुके हैं
अतिक्रमण हटाने के निर्देश
गोलबाजार की करीब 12, 800 वर्ग फीट सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला पहले भी हाई कोर्ट में उठ चुका है। जयदीप शाह की याचिका पर मार्च 2026 में न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की युगलपीठ ने अतिक्रमणों की पहचान कर उन्हें हटाने तथा कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए थे। बाद की सुनवाई में जमीन से जुड़े दस्तावेजों और कब्जे की वैधता का मुद्दा भी सामने आया। अब 19 नवंबर को प्रस्तावित अंतिम सुनवाई पर सभी पक्षों की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होने की संभावना है।
